भारत में अब कैशलेस इंडिया Cashless India का सपना सच हो गया है. आज एक कप चाय से लेकर करोड़ों की कार तक, हर चीज का पेमेंट यूपीआई से हो रहा है. इस बार धनतेरस 2025 पर भारत ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान रह गई.
धनतेरस पर यूपीआई का नया रिकॉर्ड बना
18 अक्टूबर 2025 को यूपीआई ने एक नया इतिहास रच दिया. एक ही दिन में 75.4 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू थी 1.02 लाख करोड़ रुपये. यह अब तक का सबसे बड़ा एक दिन का रिकॉर्ड है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके बताया कि यह भारत की डिजिटल ताकत का बड़ा सबूत है. धनतेरस से दिवाली तक तीन दिनों में औसतन 73.69 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रतिदिन हुए. पिछले साल यह आंकड़ा 64.74 करोड़ था. इससे साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम Digital Payment System हर साल नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है.
कैश से मोबाइल तक पहुंची पेमेंट की यात्रा
कुछ साल पहले तक हर खरीदारी के लिए जेब में कैश रखना जरूरी था. एटीएम की लाइन, छुट्टे की परेशानी और चोरी का डर आम बात थी. लेकिन अब बस एक स्कैन और क्लिक, और पेमेंट हो गया.यूपीआई Unified Payment Interface को एनपीसीआई NPCI ने बनाया है. यह अब दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल ट्रांजैक्शन नेटवर्क बन गया है. चीन, अमेरिका या यूरोप जैसे देशों में भी भारत जितना डिजिटल पेमेंट नहीं होता. गांव से लेकर शहर तक हर जगह अब लोग कहते हैं “कैश नहीं, यूपीआई करो” चाय वाले से लेकर ज्वेलरी शॉप तक, सबके पास अब क्यूआर कोड QR Code है. भारत अब एक लेस कैश सोसाइटी Less Cash Society बन चुका है, जहां हर पेमेंट डिजिटल और आसान है.
दिवाली पर बाजारों में जबरदस्त रौनक
इस बार का दिवाली सीजन कारोबारियों के लिए बहुत फायदेमंद रहा. लोगों ने खुलकर खरीदारी की और ज्यादातर पेमेंट यूपीआई से किए. जीएसटी दरों में कमी से मिडिल क्लास को राहत मिली. लोग बजट में रहते हुए ज्यादा सामान खरीद पाए. बाजारों में लैब ग्रोउन डायमंड्स, कैजुअल कपड़े और होम डेकोर प्रोडक्ट्स की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई.
दुनिया भी सीख रही है भारत का यूपीआई मॉडल
भारत का यूपीआई सिस्टम अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. सिंगापुर, यूएई, नेपाल, फ्रांस और श्रीलंका जैसे देशों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया है. एनपीसीआई इंटरनेशनल NPCI International के ज़रिए भारत अब डिजिटल पेमेंट एक्सपोर्टर बन गया है.
अब पूरी दुनिया कह रही है “If You Want To Learn Digital Payment, Learn From India.” भारत ने दिखा दिया है कि जब तकनीक आम लोगों के हाथ में होती है, तो वह इतिहास बना देती है. आज हर भारतीय गर्व से कह सकता है कैश इज ओल्ड, यूपीआई इज गोल्ड भारत अब सच में डिजिटल युग का विश्वगुरु Digital Era Leader बन गया है.
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