दुनिया का डिजिटल एसेट बाजार एक बार फिर जोरदार झटके में है. Crypto Crash की वजह से Bitcoin, Ethereum और XRP जैसी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें तेजी से गिर गई हैं. बिटकॉइन $106,000 से नीचे पहुंच गया, जबकि एथेरियम लगभग $3,760 के स्तर पर दिखा. यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका साबित हो रही है और इससे ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है. इस क्रैश के पीछे Banking Instability, ETF Outflows और Trader Liquidations जैसे कई कारण माने जा रहे हैं.
अमेरिकी बैंकिंग संकट से हिला क्रिप्टो मार्केट
क्रिप्टो मार्केट में आई यह गिरावट काफी हद तक अमेरिका के बैंकिंग संकट से जुड़ी मानी जा रही है. Zions Bancorp ने हाल ही में एक खराब लोन के कारण करीब $50 मिलियन का नुकसान बताया है. वहीं, Western Alliance Bank ने एक ग्राहक पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. इन घटनाओं के बाद अमेरिकी सिस्टम में डर बढ़ गया है. Volatility Index 28.99 तक पहुंच गया है, जो अप्रैल के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डाइमोन ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी रीजनल बैंकों को आने वाले दिनों में और गहरी क्रेडिट दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इसका असर सीधा क्रिप्टो मार्केट पर पड़ा है. निवेशकों ने सिर्फ एक दिन में Bitcoin और Ethereum ETFs से लगभग $593 मिलियन निकाल लिए. यह साफ दिखाता है कि बैंकिंग संकट अब डिजिटल एसेट्स को भी प्रभावित कर रहा है.
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निवेशक अब सुरक्षित विकल्पों की ओर मुड़ रहे हैं
Crypto Crash के बीच निवेशकों का रुझान अब सोना और चांदी जैसे Safe-Haven Assets की तरफ बढ़ गया है. अमेरिकी सरकार के Shutdown Fear और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के कारण लोग अब ज्यादा स्थिर निवेश चाहते हैं. पहले बिटकॉइन को “डिजिटल गोल्ड” कहा जाता था, क्योंकि इसे आर्थिक संकट में सुरक्षित माना जाता था. लेकिन अब बिटकॉइन भी पारंपरिक Risk Assets की तरह ही काम कर रहा है. LPL Financial के स्ट्रैटेजिस्ट एडम टर्नक्विस्ट के मुताबिक, “सरकारी शटडाउन जैसे हालात बाजार में हलचल बढ़ाते हैं. पहले बिटकॉइन नीतियों के बदलाव पर उछलता था, अब यह पारंपरिक बाजारों से ज्यादा जुड़ गया है.” यह बदलाव Institutional Investors की बढ़ती भागीदारी की वजह से है, जो अब ETF और सरकारी योजनाओं के जरिए क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं.
ट्रेडर लिक्विडेशन से गिरावट और तेज हुई
इस बार की Crypto Crash की एक बड़ी वजह ट्रेडर लिक्विडेशन भी है. कई ट्रेडर्स ने यह सोचकर लेवरेज यानी उधार लेकर निवेश किया था कि बिटकॉइन और दूसरे Altcoins बढ़ते रहेंगे. लेकिन जैसे ही कीमतें नीचे गईं, ऑटोमैटिक Liquidations शुरू हो गईं. इससे सेलिंग का दबाव और बढ़ गया और कीमतों में तेज गिरावट आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ एक दिन में $19 बिलियन से ज्यादा की Leveraged Positions खत्म हो गईं. Crypto Fear & Greed Index अब 28 पर है, जो “Strong Fear” यानी बाजार में डर का संकेत देता है. यह स्थिति Short-Term Panic Selling को जन्म दे सकती है, लेकिन लंबे समय के निवेशकों के लिए यह खरीदारी का मौका भी हो सकता है.
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ETF Outflow ने मार्केट को और कमजोर किया
अमेरिका में पिछले 24 घंटों में Bitcoin ETFs से $536 मिलियन, जबकि Ethereum ETFs से $57 मिलियन निकाले गए हैं. Ark & 21 Shares से सबसे ज्यादा $275 मिलियन की निकासी हुई, जबकि Fidelity से $132 मिलियन बाहर गए. ब्लैकरॉक (BlackRock) के ETH फंड में हल्की $47 मिलियन की इनफ्लो जरूर आई, लेकिन Grayscale से $69 मिलियन बाहर निकले. इन लगातार निकासी से साफ है कि फिलहाल निवेशक Risk-Off Mode में हैं. कई मार्केट एनालिस्ट मानते हैं कि अगर बिटकॉइन $100,000 से नीचे चला गया, तो गिरावट और बढ़ सकती है. हालांकि कुछ इसे Long-Term Opportunity के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि जब बाजार में डर होता है, तो अक्सर वही वक्त “Bottom Buying” का संकेत देता है.
इस समय ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप घटकर $3.57 ट्रिलियन रह गया है. रोजाना ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब $234 बिलियन तक पहुंच गया है. शीर्ष 100 में से 97 कॉइन्स में गिरावट दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में मार्केट की दिशा Macro-Economic Factors और Regulatory Updates पर निर्भर करेगी. अगर बैंकिंग सेक्टर में सुधार होता है और ETF Outflow रुकता है, तो बिटकॉइन फिर से रिकवरी की ओर बढ़ सकता है. फिलहाल, बाजार में डर का माहौल है और निवेशक स्थिर विकल्पों की तलाश में हैं. इस पूरी स्थिति ने एक बात साफ कर दी है क्रिप्टोकरेंसी अब पारंपरिक वित्तीय सिस्टम से पूरी तरह अलग नहीं रही. बैंकिंग और आर्थिक हालात अब उसके उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बन गए हैं.
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक क्रिप्टो निवेश करने की सलाह देता है क्रिप्टो बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले





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