सोना और चांदी दोनों की कीमतें इन दिनों फिर से बढ़ रही हैं. लेकिन इस बार असली चमक चांदी की रही. अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड (HZL) ने सिर्फ तीन महीनों में करीब ₹1000 करोड़ का मुनाफा कमाया है. कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में चांदी ने उनकी कमाई में सबसे बड़ा योगदान दिया है.
दूसरी तिमाही में कंपनी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जो सितंबर 2025 में खत्म हुई) HZL के लिए अब तक की सबसे बेहतरीन रही. कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा ₹2649 करोड़ पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से करीब 19% ज्यादा है. राजस्व ₹8549 करोड़ तक पहुंचा यह अब तक का सबसे अच्छा दूसरी तिमाही का आंकड़ा है. कंपनी का EBITDA मार्जिन 52% रहा. यह सफलता लागत नियंत्रण और नई तकनीक के इस्तेमाल की वजह से मिली. जिंक उत्पादन की लागत पांच साल के सबसे निचले स्तर पर रही, जिससे मुनाफा और बढ़ गया.
यह भी पढ़ें – मुकेश अंबानी की नई रणनीति हिट! रिलायंस का हर बिज़नेस सेक्टर मुनाफे में जियो से लेकर O2C तक झंडे गाड़े
चांदी बनी मुनाफे की सुपरस्टार
इस बार कंपनी की असली हीरो रही चांदी. सिर्फ चांदी से कंपनी ने ₹1706 करोड़ की कमाई की. यह पिछले साल की इसी तिमाही से 20% और पिछली तिमाही से 10% ज्यादा है. कुल मुनाफे में से करीब 40% हिस्सा सिर्फ चांदी से आया यानी ₹160 करोड़ से ज्यादा की आय सिर्फ इसी धातु से हुई. वैश्विक बाजार में Silver Price में 20% की बढ़त और MCX Silver का भाव 1.7 लाख करोड़ पार होने से यह उछाल संभव हुआ. कंपनी के CFO संदीप मोदी ने कहा, “चांदी का बड़ा योगदान हमें कमोडिटी मार्केट की तेजी का पूरा फायदा दिला रहा है.” वहीं CEO अरुण मिश्रा ने कहा, “हमने अब तक का सबसे अच्छा उत्पादन किया है. यह हमारे ऑपरेशन की मजबूती को दिखाता है.”
शेयर में हल्की गिरावट, लेकिन प्रदर्शन दमदार
पिछले पांच सालों में Hindustan Zinc Share Price ने 131% से 177% तक रिटर्न दिया है. अभी शेयर लगभग ₹500 के आसपास ट्रेड कर रहा है, हालांकि शुक्रवार को इसमें 1.27% की हल्की गिरावट आई. कंपनी का Market Cap ₹21,000 करोड़ है, PE Ratio 20.8, Dividend Yield 5.76%, ROC 60.7% और ROE 72.4% दर्ज किया गया. ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी वित्तीय रूप से बहुत मजबूत स्थिति में है.
यह भी पढ़ें – लोग बड़े म्यूचुअल फंड पर क्यों करते हैं भरोसा, जबकि रिटर्न घट रहा है?
वेदांता ग्रुप की योजना और कंपनी का भविष्य
Hindustan Zinc Limited (HZL), Vedanta Group की प्रमुख कंपनी है. यह मुख्य रूप से जिंक और सीसा का खनन करती है, लेकिन अब इसका ध्यान Silver Refining पर ज्यादा है. कंपनी हाल ही में भारत की पहली ऐसी माइनिंग कंपनी बनी है जो International Council on Mining and Metals (ICMM) की सदस्य बनी है. इसका मतलब है कि यह पर्यावरण और जिम्मेदारी के साथ खनन करने वाली कंपनी है. HZL अब लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Silver Prices में तेजी बनी रही, तो कंपनी की कमाई आने वाले महीनों में और बढ़ सकती है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हिंदुस्तान ज़िंक का स्टॉक लॉन्ग टर्म के लिए एक मजबूत विकल्प है. कंपनी की रणनीति साफ है तकनीक, लागत नियंत्रण और सस्टेनेबल माइनिंग पर फोकस. अगर Silver Market में तेजी बनी रहती है, तो आने वाली तिमाहियों में इसका फायदा निवेशकों को मिल सकता है. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा रहता है, इसलिए निवेश करने से पहले थोड़ा रिसर्च जरूर करें.
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक शेयर मार्केट निवेश करने की सलाह देता है शेयर गोल्ड & सिल्वर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले





One thought on “₹1000 करोड़ का धमाका! चांदी की चमक से हिंदुस्तान ज़िंक ने तोड़े सभी रिकॉर्ड”