इस साल दिवाली 2025 की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा भ्रम है. कुछ जगहों पर कहा जा रहा है कि दिवाली 20 अक्टूबर 2025 को है, जबकि कुछ पंचांग 21 अक्टूबर बता रहे हैं. दरअसल, इस बार अमावस्या तिथि दोनों दिन पड़ रही है, इसी वजह से लोगों के बीच कंफ्यूजन है. ज्योतिषियों के मुताबिक इस साल दिवाली 20 अक्टूबर की शाम को मनाई जाएगी. लक्ष्मी पूजा का शुभ समय शाम 7 बजे से 8 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. इस समय पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
दिवाली पूजा में क्या जरूरी है?
दिवाली पर हर घर में लक्ष्मी-गणेश की पूजा होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा के वक्त कौन सी चीजें सबसे जरूरी होती हैं? दिवाली पूजा में तीन खास चीजें जरूर रखनी चाहिए. पहली चीज चार दिशाओं में दिए जलाएं. उत्तर दिशा में समृद्धि का दिया, पश्चिम में धन का, दक्षिण में स्वास्थ्य और सुरक्षा का, और पूर्व दिशा में प्रसिद्धि का दिया जलाएं. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
दूसरी चीज कलश रखें. कलश को समुद्र मंथन का प्रतीक माना जाता है. इसमें पानी भरें, एक चुटकी नमक डालें, सफेद और काले तिल डालें. ऊपर नारियल रखें और चारों ओर आम के पत्ते लगाएं. यह कलश लक्ष्मी जी के आगमन का प्रतीक है. तीसरी चीज मंत्र और पाठ करें. पूजा के समय “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें या श्री सूक्तम् का पाठ करें. इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन और सुख का आशीर्वाद देती हैं.
क्या दिवाली पर काला रंग पहनना गलत है?
कई बार लोग सोचते हैं कि दिवाली जैसे शुभ दिन पर काला रंग पहनना गलत है. लेकिन ऐसा नहीं है. ज्योतिष के अनुसार काला रंग (Black color) अशुभ नहीं, बल्कि शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है. भगवान कृष्ण, भगवान जगन्नाथ और कई देवी-देवताओं की मूर्तियां भी काले रंग में ही हैं. काला रंग कई बार शक्ति की पूजा में जरूरी माना जाता है. पुराने समय में गर्मी से बचने के लिए हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती थी. तभी से लोगों ने सफेद रंग को शुभ और काले को अशुभ मान लिया. असल में काला रंग बुरा नहीं है, बल्कि शक्ति और रॉयल्टी का रंग है. अगर आपको अच्छा लगे तो दिवाली पर काले रंग का कपड़ा पहन सकते हैं. यह आपकी व्यक्तिगत पसंद है, कोई धार्मिक रोक नहीं.
श्री यंत्र और गोमती चक्र का महत्व
दिवाली के मौके पर श्री यंत्र (Shree Yantra), गोमती चक्र (Gomati Chakra) और शंख का इस्तेमाल शुभ माना जाता है. माना जाता है कि ये चीजें समुद्र मंथन से निकली थीं, इसलिए इन्हें माता लक्ष्मी से जोड़ा गया है. श्री यंत्र घर में धन, सफलता और शांति लाने वाला यंत्र माना जाता है. इसमें त्रिकोण और वृत्त जैसे आकार होते हैं जो भगवान शिव और शक्ति का प्रतीक हैं. श्री यंत्र को घर के उत्तर-पूर्व (Northeast) या दक्षिण-पूर्व (Southeast) दिशा में रखना चाहिए. इसे तांबे या स्फटिक के 3D रूप में रखना सबसे शुभ होता है.
हर दिन या खास अवसरों पर श्री यंत्र के सामने ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करना अच्छा माना जाता है. इससे घर की ऊर्जा सकारात्मक रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.गोमती चक्र और कौड़ियां भी समुद्र से निकली चीजें हैं. इन्हें पूजा स्थान या तिजोरी में रखने से धन में वृद्धि होती है और नकारात्मकता दूर रहती है.
20 अक्टूबर को ही मनाएं दिवाली, शाम 7 से 8:20 बजे तक पूजन करें
अब यह साफ है कि दिवाली 2025 की सही तारीख 20 अक्टूबर है. इस दिन सूर्यास्त के बाद 7 से 8 बजकर 20 मिनट तक लक्ष्मी पूजा करना सबसे शुभ रहेगा. पूजा के समय चार दिशाओं में घी के दिए जलाएं, कलश स्थापित करें, श्री सूक्तम् का पाठ करें और श्री यंत्र को सही दिशा में रखें. इस दिवाली अपने घर में चारों दिशाओं में प्रकाश फैलाएं, आस्था जगाएं और सकारात्मक ऊर्जा से घर को भर दें. क्योंकि दिवाली का असली मतलब ही है अंधकार से उजाले की ओर.
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