भारत की EV पॉलिसी से चीन तिलमिलाया, WTO में की शिकायत जानिए पूरी रिपोर्ट

दिल्ली EV डबल सब्सिडी पर चीन की WTO में शिकायत की खबर का बैनर
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों पर डबल सब्सिडी का ऐलान, चीन ने WTO में भारत के खिलाफ शिकायत दर्ज की

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों के लिए बड़ा ऐलान किया है. अब दिल्ली में EV सब्सिडी को दोगुना (Double Subsidy) करने की तैयारी चल रही है. इस कदम से लोगों को सस्ते में इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार खरीदने में मदद मिलेगी, साथ ही प्रदूषण भी घटेगा.

दिल्ली सरकार की नई EV Subsidy पॉलिसी

अभी दिल्ली में इलेक्ट्रिक स्कूटर पर ₹5,000 प्रति किलोवॉट-घंटा की सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹30,000 है. सरकार अब इस राशि को दोगुना करने की योजना बना रही है. नई Delhi EV Policy 2.0 अगले साल जनवरी से मार्च के बीच लागू हो सकती है हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह सब्सिडी सभी खरीदारों को मिलेगी या किसी खास श्रेणी, जैसे महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी.

पिछले ढाई साल से दिल्ली सरकार की सब्सिडी भुगतान प्रक्रिया रुकी हुई थी. अब सरकार पर करीब ₹140 करोड़ की राशि का बकाया है परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि सभी लंबित भुगतान वेरिफिकेशन के बाद जल्द जारी किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों के कारण आवेदन प्रक्रिया अटकी हुई थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सरकार को निर्देश दिया है कि सब्सिडी पेमेंट में हो रही देरी को जल्द खत्म किया जाए और ग्राहकों का पैसा लौटाया जाए.

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चीन ने भारत के खिलाफ WTO में दर्ज की शिकायत

चीन ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों को जरूरत से ज्यादा सब्सिडी दे रहा है. इसी वजह से चीन ने World Trade Organization (WTO) में भारत के खिलाफ शिकायत की है.

चीन के मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने बयान जारी कर कहा कि वह अपने उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में दी जा रही सरकारी मदद वाहन की कीमत का करीब 46% तक पहुंच जाती है. इसमें GST छूट, Road Tax माफी और PLI स्कीम जैसे लाभ शामिल हैं.

अगर तुलना करें तो चीन में EV पर सिर्फ 10% सब्सिडी मिलती है, कोरिया में 16%, जर्मनी में 20% और अमेरिका-जापान में करीब 26% भारत में यह अनुपात काफी अधिक है, जिससे चीन को आपत्ति है क्योंकि उसकी कंपनी BYD को भारत में कोई सरकारी लाभ नहीं मिल रहा.

यूपी सरकार का नया नियम: सिर्फ Made in India EV को सब्सिडी

उत्तर प्रदेश सरकार ने EV सब्सिडी के नियम बदल दिए हैं. अब सिर्फ वे इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी के योग्य होंगे जो भारत में असेंबल या बने हैं इस फैसले से चीन की कंपनियों को बड़ा झटका लगेगा. खासतौर पर BYD जैसी विदेशी कंपनियों को अब यूपी में कोई लाभ नहीं मिलेगा. चीन को चिंता है कि भारत अब उसकी तरह अपनी EV इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रहा है, जबकि खुद चीन ने भी अपने बाजार को इसी मॉडल से खड़ा किया था.

अक्टूबर में EV बिक्री में उलटफेर

1 से 15 अक्टूबर के बीच इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में बड़ा बदलाव देखा गया. 

पिछले साल Ola का मार्केट शेयर 40–50% तक था, लेकिन इस बार गिरावट आई है. वजह है खराब सर्विस और पहले जैसे डिस्काउंट ऑफर का न होना.

काइनेटिक और ओला के नए EV लॉन्च

काइनेटिक ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक स्कूटर Kinetic DX का पहला शोरूम पुणे में खोला है. जल्द ही इसकी डिलीवरी शुरू होगी. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी बैटरी (2.5 kWh) और रेंज इसके दाम (₹1 लाख से ₹1.20 लाख) के हिसाब से थोड़ी कम है.

दूसरी ओर, Ola Electric ने घरेलू उपयोग के लिए अपनी नई Shakti Battery Storage System लॉन्च की है. यह सिस्टम घरों में बिजली बैकअप के लिए काम करेगा, ठीक एक इनवर्टर की तरह. यह 1.5 kWh से लेकर 9 kWh तक की क्षमता में उपलब्ध है, और इसकी कीमत ₹30,000 से ₹1.6 लाख तक है. कंपनी ने बताया कि इसमें वही सेल्स उपयोग किए गए हैं जो Ola स्कूटर्स में लगते हैं.

चीन ने बैटरी रिसाइक्लिंग में बनाई मिसाल

EV बैटरी टेक्नोलॉजी में चीन एक कदम आगे है. उसके नए प्रोजेक्ट में EV बैटरी से 99.6% मटेरियल दोबारा रिकवर किया गया है. इसमें निकेल, कोबाल्ट और मैंगनीज जैसे धातु लगभग पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल लायक बनाए गए हैं. यह पर्यावरण के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे बैटरी वेस्ट घटेगा और लिथियम जैसी कीमती धातुओं की मांग भी कम होगी.

EV इंडस्ट्री की ताज़ा अपडेट्स

यूपी में अब केवल लोकल असेंबल्ड EVs को सब्सिडी मिलेगी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ में सरकारी नीतियों की बड़ी भूमिका रही है.

भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री लगातार बढ़ रही है. सरकारें लोगों को EV अपनाने के लिए सब्सिडी और नीतिगत समर्थन दे रही हैं. वहीं चीन इस तेजी से बढ़ती इंडस्ट्री से चिंतित है और अब विरोध के रास्ते पर है. आने वाले महीनों में भारत का EV बाजार और मजबूत होगा, क्योंकि देश में नई नीतियां, लॉन्च और तकनीक तेजी से बदल रही हैं.

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