केंद्र सरकार ने Ola और Uber जैसी टैक्सी कंपनियों की मनमानी को रोकने के लिए भारत टैक्सी शुरू करने की तैयारी कर ली है. यह नई सेवा यात्रियों को सस्ती और भरोसेमंद यात्रा का विकल्प देगी और ड्राइवर्स को पूरी कमाई का अधिकार देगा. दिसंबर में दिल्ली से इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा. इसके बाद इसे धीरे-धीरे पूरे देश में बढ़ाया जाएगा.
यात्रियों के लिए आसान और सस्ता सफर
भारत टैक्सी का मकसद यात्रियों को सही किराया और सुरक्षित सेवा देना है. अब अलग-अलग ऐप्स पर किराए में अंतर नहीं होगा. कोई छिपा शुल्क नहीं लगेगा और मनमाना चार्ज नहीं लिया जाएगा. ऐप चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती में उपलब्ध होगी. डिजिटल प्लेटफॉर्म होने की वजह से इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा.
ड्राइवर्स को पूरी कमाई और ट्रेनिंग
भारत टैक्सी से जुड़ने वाले ड्राइवर्स को 15 दिन का प्रशिक्षण मिलेगा. इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल होंगे. अब ड्राइवर्स को उनकी पूरी कमाई सीधे मिलेगी. पहले Ola और Uber में 20-25% कमीशन कंपनी लेती थी. ड्राइवर्स को मालिकाना हक और वित्तीय स्वतंत्रता भी मिलेगी.
सुरक्षा पर फोकस
सरकार ने इस सेवा में संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की है. ड्राइवर्स और यात्रियों के लेन-देन को मॉनिटर किया जाएगा. कोई भी इमरजेंसी होने पर सीधे पुलिस से संपर्क किया जा सकेगा. इससे पहले Ola और Uber में शिकायत करने पर रिफंड या मदद पाना मुश्किल होता था. भारत टैक्सी में ये सब आसान और तेज होगा. पायलट प्रोजेक्ट में दिल्ली में 650 टैक्सियों से शुरुआत होगी. अगर सफलता मिली तो इसे धीरे धीरे पूरे देश में फैलाया जाएगा. सरकार का मकसद Ola-Uber जैसी कंपनियों की मनमानी को खत्म करना और टैक्सी सेवा में नया मापदंड बनाना है. भारत टैक्सी योजना यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित सेवा देती है और ड्राइवर्स को उनके मेहनत का पूरा फायदा देती है. उचित किराया, ड्राइवर्स की भागीदारी इसे भरोसेमंद टैक्सी सेवा बनाते हैं.
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