साल 1990 के दशक के आखिर में जब डॉट कॉम बबल फूटा था, तब दुनिया भर के बाजार हिल गए थे. उस समय किसी भी कंपनी के नाम में .Com जुड़ते ही उसके शेयर कई गुना बढ़ जाते थे. लेकिन कुछ ही सालों में ये बुलबुला फूट गया और कंपनियां बर्बाद हो गईं. अब 25 साल बाद एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है इस बार इसे कहा जा रहा है एआई बबल.
एनवीडिया और ताइवान सेमीकंडक्टर पर बढ़ी नजर
आज दुनिया की सबसे चर्चित टेक कंपनी NVIDIA है. लोग मानते हैं कि यह कंपनी खुद चिप बनाती है, लेकिन सच यह है कि एनवीडिया केवल डिजाइन तैयार करती है. चिप्स की असली मैन्युफैक्चरिंग करती है Taiwan Semiconductor Manufacturing Company TSMC.
ताइवान एक छोटा सा द्वीप है जो चीन के पास स्थित है. चीन कई बार यह संकेत दे चुका है कि वह 2027 तक ताइवान पर कब्जा करना चाहता है. अगर ऐसा हुआ तो दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC पर सीधा असर पड़ेगा. इसका मतलब होगा कि कई बड़ी टेक कंपनियों जैसे Apple, Intel और NVIDIA की चिप सप्लाई रुक सकती है. अगर ताइवान और चीन के बीच तनाव बढ़ा, तो यह पूरी एआई इंडस्ट्री के लिए झटका होगा. इससे न सिर्फ अमेरिका, बल्कि भारत और बाकी देशों के शेयर बाजारों पर भी असर पड़ सकता है.
ASML दुनिया की सबसे अहम कंपनी
नीदरलैंड्स की कंपनी ASML को आज दुनिया की सबसे जरूरी टेक कंपनी कहा जाता है. यह कंपनी उन मशीनों को बनाती है जिनसे माइक्रोचिप्स तैयार होती हैं. इन मशीनों को EUV Lithography Machines कहा जाता है. बिना इन मशीनों के कोई भी कंपनी चिप नहीं बना सकती.
ASML के पास इस कारोबार में लगभग पूरी दुनिया में एकाधिकार है. कंपनी हर साल सिर्फ कुछ मशीनें ही बनाती है, लेकिन इन्हीं पर पूरी Semiconductor Industry निर्भर करती है. अमेरिका ने ASML को चीन को ये एडवांस मशीनें न बेचने का आदेश दिया है ताकि टेक्नोलॉजी का संतुलन बना रहे. साल 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 2.7 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है. अगर किसी वजह से ASML की सप्लाई रुकती है, तो इससे दुनिया की बड़ी कंपनियों NVIDIA, Apple, Samsung, Intel सब पर असर पड़ेगा.
अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता कर्ज और बाजार की चिंता
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष IMF की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का कर्ज उसकी राष्ट्रीय आय के 143% तक पहुंच सकता है. सरकार 5 ट्रिलियन डॉलर टैक्स से कमाएगी लेकिन 7 ट्रिलियन खर्च करेगी. यानी हर घंटे करीब 125 मिलियन डॉलर का घाटा बढ़ रहा है.
इसी बीच NVIDIA के शेयर की कीमत 5 साल में 1 डॉलर से बढ़कर 191 डॉलर तक पहुंच चुकी है. इसका P/E Ratio अब 54 के आसपास है, जो बताता है कि कीमत असली वैल्यू से कहीं ज्यादा है. अगर ताइवान या चीन से जुड़ा कोई बड़ा विवाद हुआ या अमेरिकी अर्थव्यवस्था में झटका लगा तो यह AI Bubble फूट सकता है. इसका असर Crypto Market और Bitcoin पर भी पड़ सकता है. फिलहाल बिटकॉइन में तेजी है, लेकिन किसी भी नकारात्मक खबर से इसमें गिरावट आ सकती है.
टेक वर्ल्ड पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
दुनिया की पूरी टेक सप्लाई अब TSMC और ASML जैसी कंपनियों पर निर्भर है. अगर किसी वजह से चिप्स की सप्लाई रुक गई तो AI Companies को भारी नुकसान हो सकता है. अगर मौजूदा हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले समय में यह AI Bubble Burst 2000 के डॉट कॉम बबल की तरह पूरी दुनिया की टेक इंडस्ट्री को हिला सकता है.
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