इस साल सोने ने शेयर बाज़ार के मुकाबले शानदार रिटर्न दिया है. Gold price लगभग 52% ऊपर है, जबकि Nifty सिर्फ करीब 1% बढ़ा है. अगर किसी ने साल की शुरुआत में ₹1 लाख Gold में निवेश किया होता तो आज वह करीब ₹1.52 लाख बन चुका होता. लेकिन यही पैसा Nifty में लगाया होता तो सिर्फ ₹1,000 रुपए का फायदा मिलता इसी वजह से बड़ी संख्या में निवेशक Gold की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. सवाल यह है कि आगे कौन जीत सकता है Gold या Nifty?
Gold vs Nifty Ratio जब यह बढ़ा बाजार ने रफ्तार पकड़ी
फिलहाल Gold vs Nifty Ratio 2.67 पर पहुंच गया है. पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो जब भी यह रेशियो 2.3/2.65 के बीच रहा है, Nifty में उसके बाद तेज उछाल देखा गया है पिछले 20 साल में 4 बार ऐसा हुआ है
| साल | Ratio | कितने समय में रिटर्न | Nifty Return |
| मार्च 2003 | 2.65 | 6 महीने | +40% |
| मार्च 2009 (Financial Crisis) | 2.3 | 9 महीने | +77% |
| जनवरी 2014 | 2.6 | 11 महीने | +42% |
| मार्च 2020 (Covid Crash) | 2.3 | 1 साल | +68% |
अब अक्टूबर 2025 में Ratio फिर इसी लेवल पर है. क्या इस बार भी Nifty रॉकेट बनेगा या Gold एक और नया रिकॉर्ड बनाएगा? इसी को लेकर मार्केट में बड़ी चर्चा है.
Gold vs Stock Market Return कम रिस्क में अच्छी कमाई
5/10 और 20 साल की परफॉर्मेंस देखें तो कई बार Gold ने Stock Market को पछाड़ा है
5 साल Gold: ~15.5% | Nifty: ~15–17%
10 साल Gold: ~13% | Nifty: ~11–14%
20 साल दोनों लगभग बराबर ~11–13%
असली अंतर Volatility यानी उतार चढ़ाव में है
| Investment | Volatility | Risk Level |
| Nifty | 22–26% | ज्यादा |
| Gold | 15–18% | कम |
मतलब Gold ने कम जोखिम में भी मजबूत रिटर्न दिया है. इसलिए Personal Finance में Gold को Safe Asset माना जाता है.
क्यों बढ़ रही है Gold की Demand?
दुनिया भर के Central Banks लगातार Gold खरीद रहे हैं
2024 में लगभग 1044 टन Gold खरीदा गया
RBI भी जरूरी Gold Reserves बढ़ा रहा है 2020 650 टन → अब 880 टन
Central Banks सोना बेचते नहीं इसलिए Market में Supply कम हो रही है. Demand बढ़ रही है → Price ऊपर जा रहा है.
आगे क्या हो सकता है? मार्केट में अगले 6 महीने अहम
आने वाले समय में मार्केट तीन तरह का रुख दिखा सकता है Nifty मजबूती से बढ़े लगभग 30% संभावना Gold और ऊपर जाए, Ratio 2.67 के पार निकल जाए 40 50% संभावना दोनों साथ में चढ़ते रहें 20% संभावना Market में liquidity काफी ज्यादा है, इसलिए Gold अभी भी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना हुआ है.
कितने Gold में निवेश करें? उम्र के हिसाब से गाइड
| उम्र | Gold Allocation |
| 20–30 साल | 10% |
| 30–40 साल | 15–18% |
| 40+ साल | 20–25% (Max) |
Gold ETF Best Option क्यों? – GST और Storage cost नहीं लगता Popular ETFs SBI Gold ETF, Kotak Gold ETF, Nippon Gold BeES Gold कुछ बनाता नहीं लेकिन पैसे की वैल्यू को सुरक्षित रखता है. बहुत ज्यादा Gold भी सही नहीं 20/25% से अधिक पोर्टफोलियो में रखना रिस्क बढ़ाता है. चाहे Gold में निवेश हो या Nifty में आने वाले 6 महीने मार्केट के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे. जो भी चुनाव करें प्लानिंग और सही समय पर निवेश करना ही समझदारी है.
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डिस्क्लेमर – यह जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है निवेश में जोखिम होता है, इसलिए पैसे लगाने से पहले अपने फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक मार्केट निवेश करने की सलाह देता है




