एक भारतीय सीनियर टेक लीड को अमेरिका में होने वाले एक बड़े टेक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेना था. इसके लिए उन्होंने यूएस B1/B2 वीज़ा के लिए इंटरव्यू दिया. लेकिन दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में उनका इंटरव्यू कुछ ही सेकंड में खत्म हो गया और वीज़ा तुरंत रिजेक्ट कर दिया गया. उन्होंने अपना यह अनुभव Reddit पर शेयर किया, जिसके बाद आईटी कम्युनिटी में उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और चर्चा का बड़ा विषय बन गई.
वीज़ा इंटरव्यू में क्या हुआ?
टेक प्रोफेशनल ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान वीज़ा अधिकारी ने उनसे सिर्फ तीन सवाल पूछे पहला वह अमेरिका क्यों जाना चाहते हैं दूसरा, उन्होंने पहले किन किन देशों की यात्रा की है और तीसरा, क्या उनके परिवार या दोस्त अमेरिका में रहते हैं उन्होंने बताया कि वह Atlanta, Georgia में होने वाले Kubecon + CloudNativeCon 2025 कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेना चाहते थे, क्योंकि उनका काम क्लाउड नेटिव टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इस इवेंट से उनके करियर को बड़ा फायदा मिल सकता था.
उन्होंने पहले ही कॉन्फ्रेंस रजिस्ट्रेशन, होटल बुकिंग और ट्रैवल प्लान पूरा कर लिया था. इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग न होने की वजह से उनका खुद वहाँ जाना जरूरी था लेकिन तीसरा सवाल खत्म होते ही बिना किसी और बात के उन्हें 214(b) रिजेक्शन स्लिप थमा दी गई. इससे वह हैरान रह गए कि आखिर गलती कहाँ हो गई.
“मेरे पास वापस लौटने के पूरे कारण थे” टेक प्रोफेशनल की प्रतिक्रिया
Reddit पोस्ट में टेक लीड ने लिखा कि उनके पास भारत लौटने के सभी पक्के कारण मौजूद थे. वह पिछले 11 साल से एक स्थिर नौकरी में हैं और सीनियर टेक लीड के तौर पर काम कर रहे हैं. उनकी सालाना इनकम करीब ₹1 करोड़ है और घर में उनकी 8 महीने की बेटी है उन्होंने बताया कि वह पहले भी लिथुआनिया, मालदीव और इंडोनेशिया जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं. उनका परिवार, करियर और पूरा जीवन भारत में ही है, इसलिए उनके पास वापस न आने का कोई कारण नहीं था.
फिर भी उनका वीज़ा इतनी जल्दी रिजेक्ट कर दिया गया, जो उनके लिए समझना मुश्किल था Reddit पर कई यूज़र्स ने लिखा कि वीज़ा इंटरव्यू में अधिकारी अक्सर अपने अनुमान और बातचीत के आधार पर तुरंत फैसला लेते हैं. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कई बार यह सब किस्मत और इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी के मूड पर निर्भर करता है.
क्यों होते हैं ऐसे वीज़ा रिजेक्शन?
अमेरिका के नियमों के मुताबिक वीज़ा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक सुविधा माना जाता है. अगर वीज़ा अधिकारी को यह लगता है कि आवेदक अमेरिका जाने के बाद वापस नहीं लौटेगा या उसकी दी गई जानकारी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है, तो आवेदन तुरंत खारिज किया जा सकता है.
कई बार ऐसा भी होता है कि आवेदक के पास अच्छी नौकरी, उच्च इनकम और ट्रैवल हिस्ट्री होने के बावजूद अधिकारी को उसके भारत से जुड़े रिश्ते कमजोर लगते हैं. ऐसे मामलों में अधिकारी वीज़ा देने का जोखिम नहीं लेते इसी वजह से कई बार अनुभवी और योग्य प्रोफेशनल्स को भी वीज़ा रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है.
अगला कदम क्या हो सकता है?
Reddit पर कई यूज़र्स ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने डॉक्यूमेंट्स और इंटरव्यू प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाकर दोबारा वीज़ा के लिए आवेदन करें कई लोगों ने सुझाव दिया कि वे अपने परिवार और नौकरी से जुड़े कागजात को और अच्छे तरीके से पेश करें और यह साफ दिखाएं कि उनकी अमेरिका यात्रा सिर्फ कॉन्फ्रेंस के लिए है, न कि किसी और उद्देश्य से टेक प्रोफेशनल अब नए प्लान के साथ जल्द ही फिर से वीज़ा अप्लाई करने की तैयारी कर रहे हैं.
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