कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO ने देशभर के कर्मचारियों और कंपनियों को राहत देने के लिए नई स्कीम शुरू की है. 1 नवंबर 2025 से लागू हुई EPFO Employees’ Enrolment Campaign 2025 के तहत अब कंपनियां अपने पुराने या अब तक ईपीएफ EPF में शामिल न हुए कर्मचारियों को आसानी से जोड़ सकती हैं. यह योजना 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी.
इस स्कीम का मकसद उन कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ना है जो अब तक किसी वजह से इसका हिस्सा नहीं बन पाए थे. इससे कर्मचारियों को भविष्य में पेंशन बीमा और फंड सुरक्षा का फायदा मिलेगा, जबकि कंपनियों के रिकॉर्ड भी अपडेट और व्यवस्थित रहेंगे सरकार का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और कंपनियों को कानूनी परेशानियों से राहत भी देगा EPFO की यह नई पहल कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है.
क्या है Employees’ Enrolment Campaign 2025
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 10 अक्टूबर 2025 को जारी सर्कुलर में इस नई योजना को Employees Provident Funds Amendment Scheme 2025 नाम दिया है. इस अभियान के तहत कंपनियों को मौका दिया गया है कि वे अपने पुराने कर्मचारियों को EPF सिस्टम में शामिल कर सकें और सभी जरूरी नियमों का पालन पूरा कर सकें.
इस स्कीम से कंपनियों को भविष्य में कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माने से राहत मिलेगी. कई कंपनियों में अभी भी ऐसे कर्मचारी हैं जो किसी कारण से ईपीएफ का हिस्सा नहीं हैं. EPFO की यह नई स्कीम उन सभी कर्मचारियों के लिए बड़ा मौका है क्योंकि अब उन्हें भी पेंशन, बीमा और भविष्य निधि जैसी सुविधाओं का फायदा मिलेगा सरल शब्दों में यह योजना कर्मचारियों की सुरक्षा और कंपनियों की मजबूत बढ़ाने की दिशा में सरकार का अहम कदम है.
कौन कर सकता है आवेदन और किन्हें मिलेगा फायदा
इस स्कीम में कोई भी कंपनी या संस्था हिस्सा ले सकती है, चाहे वह पहले से ईपीएफ से जुड़ी हो या नहीं. इस योजना के तहत वे कर्मचारी शामिल होंगे जिन्होंने 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच काम शुरू किया हो और जो अब भी नौकरी पर हों नियोक्त को अपने कर्मचारियों का नामांकन उसी महीने से करना होगा, जिस महीने वे घोषणा देंगे. इसके बाद से उन कर्मचारियों का ईपीएफ रिकॉर्ड मान्य हो जाएगा.
इस योजना की सबसे बड़ी राहत यह है कि कर्मचारियों का पिछला Employee Contribution पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा नियोक्ता को केवल अपना हिस्सा, ब्याज Section 7Q और एडमिन चार्ज जमा करना होगा पेनाल्टी सिर्फ ₹100 तय की गई है, जो एक बार ही देनी होगी यह जुर्माना एक साथ तीनों योजनाओं EPF Scheme 1952, EDLI Scheme 1976 और EPS Scheme 1995 पर लागू होगायानी एक बार एनरोलमेंट करने पर कर्मचारियों को तीनों योजनाओं के लाभ मिल जाएंगे.
कैसे करें आवेदन
यह स्कीम पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है. नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के लिए UAN Universal Account Number बनाना होगा. यह प्रक्रिया फेस ऑथेंटिकेशन पर आधारित होगी जिसके लिए UMANG ऐप का इस्तेमाल जरूरी है, इसके बाद EPFO पोर्टल पर जाकर कर्मचारियों की जानकारी भरनी होगी और उनका डिक्लेरेशन सबमिट करना होगा. यह डिक्लेरेशन ECR Electronic Challan-cum-Return से लिंक किया जाएगा ध्यान रहे, एक बार डिक्लेरेशन सबमिट करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा. इसलिए सभी जानकारी सही और पूरी तरह सत्यापित होनी चाहिए.
कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए फायदे
EPFO की यह नई स्कीम कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है. इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि PF, पेंशन, और बीमा जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनका आर्थिक भविष्य सुरक्षित होगा कंपनियों के लिए भी यह योजना राहत लेकर आई है, क्योंकि अब रजिस्ट्रेशन और नियमों का पालन पहले से ज्यादा आसान हो गया है. जो कर्मचारी अब तक किसी वजह से EPF से नहीं जुड़ पाए थे, वे अब इस स्कीम के तहत आसानी से जुड़ सकते हैं. इससे कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और कंपनियों की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनेगी सरकार का लक्ष्य है कि इस अभियान के जरिए लाखों कर्मचारियों को EPF से जोड़ा जाए, ताकि हर कामगार को नौकरी के साथ साथ सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ मिल सके.
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