मार्क जकरबर्ग पीछे छूटे भारतीय मूल के युवाओं की कंपनी ने तोड़ी सभी सीमाएं

तीन भारतीय मूल के युवाओं की Mercor कंपनी ने तोड़ा मार्क जकरबर्ग का रिकॉर्ड
22 साल की उम्र में अरबपति बने Mercor के तीन फाउंडर्स — भारतवंशी आदर्श हिरेमठ, सूर्या मिधा और उनके साथी ब्रेंडन फूडी

कहते हैं अगर सोच बड़ी हो तो उम्र मायने नहीं रखती ऐसा ही किया तीन दोस्तों ने, जो सिर्फ 22 साल की उम्र में अरबपति बन गए हैं. इन युवाओं ने फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, ये तीनों हैं आदर्श हिरेमठ, सूर्या मिधा और ब्रेंडन फूडी. इनकी कंपनी Mercor अब 10 अरब डॉलर की वैल्यू पर पहुंच गई है. खास बात यह है कि आदर्श और सूर्या भारतवंशी हैं.

AI कंपनी Mercor की बड़ी सफलता

Mercor अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में बनी एक AI Recruiting Platform कंपनी है. इस कंपनी ने हाल ही में 350 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई. इसके बाद कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर 10 बिलियन डॉलर करीब 83 हजार करोड़ रुपये हो गया. हर को फाउंडर के पास कंपनी में लगभग 22% हिस्सेदारी है. यानी तीनों की संपत्ति अब करीब 2 अरब डॉलर 16 हजार करोड़ रुपये के बराबर है. Mercor के CEO ब्रेंडन फूडी ने बताया कि इस फंडिंग का नेतृत्व Felicis Ventures नाम की अमेरिकी कंपनी ने किया. कुछ महीने पहले तक Mercor की वैल्यू 2 बिलियन डॉलर थी जो अब पांच गुना बढ़ चुकी है.

भारत से जुड़ा है दो फाउंडर्स का रिश्ता

आदर्श हिरेमठ कर्नाटक से हैं और कंपनी के CTO Chief Technology Officer हैं. वहीं सूर्या मिधा, जिनका परिवार दिल्ली से है, कंपनी के चेयरमैन हैं. दोनों के साथ उनके अमेरिकी दोस्त ब्रेंडन फूडी भी शुरुआत से जुड़े हुए हैं. तीनों की मुलाकात कैलिफोर्निया के Bellarmine College Preparatory School में हुई थी स्कूल के बाद फूडी ने Georgetown University से अर्थशास्त्र पढ़ा, हिरेमठ ने Harvard University से कंप्यूटर साइंस की डिग्री ली और मिधा ने Foreign Service में ग्रेजुएशन किया इन तीनों का सपना था एक ऐसी कंपनी बनाना जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज़रिए लोगों को काम से जोड़े और इसी से शुरू हुआ Mercor का सफर.

Mercor क्या काम करती है

Mercor एक ऐसी AI कंपनी है जो दुनियाभर के AI इंजीनियरों और एक्सपर्ट्स को जोड़ती है. इसका मकसद है बड़ी कंपनियों को सही टैलेंट दिलाना जो उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें. साल 2023 में शुरू हुई यह कंपनी बहुत तेजी से आगे बढ़ी है. फरवरी में इसे 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली थी, जिससे इसका मूल्य 2 बिलियन डॉलर हुआ था. अब सिर्फ आठ महीनों में इसकी वैल्यू 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है जो किसी भी नई कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है.

जकरबर्ग से भी आगे निकले ये 

साल 2008 में मार्क जकरबर्ग 23 साल की उम्र में Self made Billionaire बने थे. लेकिन Mercor के तीनों फाउंडर्स ने यह मुकाम 22 साल की उम्र में हासिल कर लिया. इनकी कहानी बताती है कि अगर आइडिया बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता में देर नहीं लगती. AI टेक्नोलॉजी के ज़रिए इन युवाओं ने दुनिया को दिखा दिया कि कैसे एक आइडिया अरबों डॉलर की कंपनी बन सकता है

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