आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड (ARSSBL) 23 सितंबर से अपना IPO लॉन्च करने जा रहा है, जो 25 सितंबर तक खुला रहेगा. कंपनी इस ऑफर के जरिए अपने कारोबार का विस्तार करना और कामकाज के लिए जरूरी फंड जुटाना चाहती है.
कंपनी की शुरुआत और सफर
आनंद राठी ग्रुप की शुरुआत साल 1994 में हुई थी. उस समय भारत में आर्थिक सुधारों और बाजार खुलने का दौर चल रहा था. श्री आनंद राठी और श्री प्रदीप कुमार गुप्ता ने इस मौके को समझा और फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रखा. थोड़े ही समय में कंपनी ने रिसर्च और इन्वेस्टमेंट सेवाओं की शुरुआत की और बड़ी संस्थाओं के साथ काम करने लगी.
आज यह ग्रुप वेल्थ मैनेजमेंट, इंश्योरेंस ब्रोकिंग, रियल एस्टेट, रीइंश्योरेंस और कैपिटल मार्केट लेंडिंग जैसी कई सेवाएं दे रहा है. Anand Rathi Share and Stock Brokers अब एक फुल सर्विस ब्रोकरेज कंपनी बन चुकी है, जो देशभर में तेजी से बढ़ रही है.
FY25 में कंपनी की कुल आमदनी ₹847 करोड़ रही, जो पिछले साल से 24% ज्यादा है. पिछले दो साल में कंपनी की कमाई करीब 35% की रफ्तार से बढ़ी है. इसमें से 60% आय ब्रोकिंग सर्विसेज से आती है, जबकि 23% नॉन-ब्रोकिंग कामों से, जैसे मार्जिन ट्रेडिंग, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन.
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निवेश का नया ट्रेंड और बढ़ता बाजार
भारत में लोगों की निवेश की सोच अब बदल रही है. पहले ज्यादातर लोग अपना पैसा बैंक में रखते थे, लेकिन अब निवेशक शेयर बाजार में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. साल FY12 में 56% बचत बैंक में जमा होती थी, जो अब घटकर 46% रह गई है. वहीं, शेयर बाजार में निवेश 2% से बढ़कर 9% तक पहुंच गया है.
फिर भी, भारत में सिर्फ 4 5% लोग ही एक्टिव रूप से शेयरों में ट्रेड करते हैं. तुलना में अमेरिका में यह संख्या 55% और चीन में 13% है. खासकर युवा निवेशक अब फिक्स्ड डिपॉजिट के बजाय शेयर बाजार में लंबी अवधि के रिटर्न की उम्मीद से निवेश कर रहे हैं.
ARSSBL इस वक्त मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) पर खास फोकस कर रहा है. इसमें ग्राहक आंशिक रकम देकर शेयर खरीद सकते हैं, जबकि बाकी रकम कंपनी फाइनेंस करती है. इससे ग्राहक का निवेश और कंपनी की आमदनी दोनों बढ़ते हैं. कंपनी के पास 90 शाखाएं और 1,125 एजेंट हैं, जो 290 से ज्यादा शहरों में काम कर रहे हैं. इसके लगभग 8.8 लाख एक्टिव ग्राहक हैं.
कानूनी चुनौतियां और IPO की कीमत
ब्रोकिंग इंडस्ट्री में फुल-सर्विस और डिस्काउंट दोनों तरह के ब्रोकर्स हैं. ज़ेरोधा, ग्रो और अपस्टॉक्स जैसे डिस्काउंट ब्रोकर्स कम फीस पर लाखों ग्राहकों को जोड़ चुके हैं. इनका बाजार हिस्सा लगभग 78% है, जबकि फुल-सर्विस ब्रोकर्स का हिस्सा सिर्फ 22% रह गया है. Anand Rathi का मुकाबला अब मोतीलाल ओसवाल, एंजेल वन, IIFL और जियोजिट जैसी बड़ी कंपनियों से है.
आर्थिक स्थिति की बात करें तो ARSSBL का EBITDA मार्जिन 37% और PAT मार्जिन 12% है. कंपनी का डेब्ट-टू-इक्विटी अनुपात 1.8 है, जो इंडस्ट्री औसत से थोड़ा ज्यादा है. ROCE 21% है, जो बाजार स्तर के बराबर माना जाता है.
कंपनी और उसके प्रमोटरों पर 25 आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें कुछ 2013 के NSEL स्कैम से जुड़े हैं. इस वजह से SEBI ने कंपनी का कमोडिटी ब्रोकिंग लाइसेंस रिजेक्ट कर दिया था. प्रमोटरों ने अपने 30% शेयर गिरवी रखे हैं. IPO की ऊपरी कीमत ₹414 तय की गई है और इसका P/E अनुपात 18–20 के बीच है.
निवेश से पहले क्या ध्यान रखें
IPO से मिलने वाला फंड कंपनी अपने विस्तार और कर्ज घटाने में लगाएगी. Anand Rathi Share and Stock Brokers के पास मजबूत ब्रांड, बड़ा नेटवर्क और बढ़ता ग्राहक आधार है. लेकिन कानूनी मामले, बढ़ा हुआ कर्ज और बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा चिंता का कारण हो सकते हैं. यह IPO उन निवेशकों के लिए ठीक है जो लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहते हैं. इसमें तेजी से मुनाफा मिलने की संभावना कम है. इसलिए निवेश करने से पहले जोखिम और अवसर दोनों को समझना जरूरी है.
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक शेयर मार्केट निवेश करने की सलाह देता है शेयर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले





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