भारत सरकार 2027 तक सरकारी बैंकों को फिर से एकजुट करने की बड़ी योजना पर काम कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार का यह Bank Merger Plan 2.0 दो चरणों में पूरा किया जाएगा, पहले चरण में चार बैंक Bank of India, Bank of Maharashtra, Central Bank of India और Indian Overseas Bank तीन बड़े बैंकों में मिलाए जाएंगे.
ये बड़े बैंक हैं State Bank of India SBI, Punjab National Bank PNB और Bank of Baroda BoB, दूसरे चरण में Punjab and Sind Bank और UCO Bank को भी किसी बड़े सरकारी बैंक में मिलाने की योजना है, इससे सरकारी बैंकिंग सिस्टम को मजबूत और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
मर्जर से पहले होगी कोर बैंकिंग सॉफ्टवेयर की जांच
किसी भी बैंक मर्जर से पहले सरकार यह देखती है कि कौन से बैंक कौन सा Core Banking Software CBS इस्तेमाल कर रहे हैं, इससे तकनीकी तौर पर दोनों बैंकों का कामकाज एक करने में आसानी होती है, जानकारी के अनुसार, SBI, Bank of Maharashtra और Central Bank of India TCS के Banks सॉफ्टवेयर पर काम करते हैं.
वहीं PNB, Bank of India और Indian Overseas Bank Infosys के Finacle सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, इसी आधार पर माना जा रहा है कि Bank of Maharashtra और Central Bank of India का मर्जर SBI के साथ किया जा सकता है, जबकि Bank of India और Indian Overseas Bank का मर्जर PNB या Bank of Baroda के साथ संभव है.
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एसेट्स और मार्केट वैल्यू पर होगा फैसला
सरकार बैंकों के मर्जर का फैसला उनकी एसेट वैल्यू Assets और मार्केट कैपिटलाइजेशन Market Capitalization को देखकर करेगी. फिलहाल SBI सबसे बड़ा बैंक है, जिसके पास करीब 66 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स हैं, इसके बाद PNB के पास लगभग 18 लाख करोड़ रुपये, Bank of Baroda के पास 17 लाख करोड़ रुपये, और Union Bank of India के पास करीब 15 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स हैं.
Bank of India के पास भी लगभग 10 से 11 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स हैं, इसलिए यह बैंक पहले से ही मजबूत स्थिति में है. ऐसे में सरकार इसे किसी छोटे बैंक में मिलाने से बच सकती है. यह रणनीति बैंकों को आर्थिक रूप से स्थिर बनाए रखने के लिए बनाई जा रही है.
मर्जर के बाद रह जाएंगे सात बड़े सरकारी बैंक
अगर यह पूरा प्लान लागू होता है, तो देश में सिर्फ 7 बड़े सरकारी बैंक रह जाएंगे, इनमें होंगे State Bank of India, Punjab National Bank, Bank of Baroda, Union Bank of India, Canara Bank, Bank of India और Indian Bank, रिपोर्ट के मुताबिक Central Bank of India का नाम आगे नहीं रहेगा क्योंकि सेंट्रल बैंक शब्द अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी देश के केंद्रीय बैंक के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे भारत में RBI Reserve Bank of India छत्तीसगढ़ में पहले Central Bank of India ग्रामीण बैंक चलाता था,
लेकिन अब उसका डेटा और संचालन SBI में बदली हो गया है इससे दोनों बैंकों का तकनीकी तालमेल पहले से ही बना हुआ है इस मर्जर प्लान के पूरा होने के बाद सरकारी बैंक ज्यादा सक्षम, आधुनिक और दावेदार बनेंगे. इससे बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और देश की आर्थिक स्थिरता दोनों को फायदा होगा.
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