अमेरिका में H1B फीस बढ़ी, चीन ने खोल दिया रास्ता: 2025 में 85,000+ छात्रों ने K वीजा लिया!

चीन का नया K वीजा 2025 में भारतीय छात्रों के लिए अवसर
अमेरिका की H1B फीस बढ़ने के बाद चीन का K वीजा युवाओं के लिए बड़ा अवसर बनकर उभरा।

चीन ने हाल ही में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) के छात्रों और रिसर्चर्स के लिए नया के वीजा लॉन्च किया है. इसके जरिए विदेश से आने वाले ग्रेजुएट्स और पेशेवर बिना किसी समर्थन के चीन में पढ़ाई, रिसर्च और स्टार्टअप के मौके पा सकते हैं. यह कदम अमेरिका के एच1बी वीजा नियमों और फीस बढ़ोतरी का सीधा जवाब माना जा रहा है.


अमेरिका की सख्ती और चीन का कदम

कुछ महीने पहले अमेरिका ने एच1बी वीजा की फीस $1 लाख कर दी थी और नियम और भी कड़े कर दिए थे. इससे विदेशियों के लिए अमेरिका जाना मुश्किल हो गया. चीन ने इसे अवसर में बदलते हुए अपने देश में प्रतिभाशाली युवाओं को आकर्षित करने का नया तरीका अपनाया. के वीजा छात्रों को पढ़ाई और रिसर्च के साथ-साथ स्टार्टअप और बिजनेस के अवसर भी देता है. यह चीन में उच्च शिक्षा और विश्व अनुभव का आसान रास्ता खोलता है.


भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाएं

दिल्ली में चीनी एंबेसी के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के पहले चार महीनों में 85,000 से ज्यादा वीजा जारी किए गए. यह पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है. इसका मतलब है कि भारत के छात्र और पेशेवर चीन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. के वीजा के तहत छात्रों और रिसर्चर्स को किसी नियोक्ता या नौकरी की जरूरत नहीं है. वे चीन में आसानी से अध्ययन कर सकते हैं, रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग ले सकते हैं और स्टार्टअप के मौके तलाश सकते हैं. यह कदम भारतीय युवाओं के लिए करियर, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के नए रास्ते खोल रहा है.


अमेरिका की प्रतिक्रिया और असर

अमेरिका में भारतीय मूल के सांसद राज कृष्णमूर्ति ने चीन के इस वीजा पर चिंता जताई. उनका कहना है कि इससे अमेरिका विदेशी प्रतिभाओं को खो सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम अमेरिकी टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इंडस्ट्री के लिए खतरा बन सकता है. उनके अनुसार, एच1बी, एफ और जे वीजा नियमों में हालिया बदलाव अमेरिका के नवाचार और रोजगार पर असर डाल सकते हैं. चीन का के वीजा शिक्षा, रिसर्च और तकनीकी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने का आसान तरीका है.

यह छात्रों और पेशेवरों के लिए अमेरिका की सख्ती और महंगे वीजा के बीच एक आकर्षक विकल्प पेश करता है. चीन के इस कदम से भारत और अन्य देशों के युवाओं के लिए शिक्षा और करियर के नए रास्ते खुल रहे हैं. के वीजा छात्रों को सिर्फ पढ़ाई और रिसर्च का मौका नहीं देता, बल्कि स्टार्टअप, बिजनेस और सांस्कृतिक अनुभव का भी अवसर देता है. 2025 में यह कदम विश्व प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है.

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