दिवाली का त्योहार आने वाला है और इसके साथ ही स्टॉक मार्केट में मुरत ट्रेडिंग की चर्चा फिर से शुरू हो गई है. हर साल की तरह इस बार भी दिवाली पर निवेशक शुभ मुहूर्त में ट्रेडिंग कर पाएंगे. लेकिन क्या इस दिन निवेश करना वाकई फायदेमंद होता है? चलिए जानते हैं इस साल का टाइम, इतिहास और पिछले सालों का डेटा क्या कहता है.
कब और कितने बजे होगी मुरत ट्रेडिंग 2025?
इस साल मुरत ट्रेडिंग 21 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को होगी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर यह सेशन एक घंटे के लिए खुलेगा. प्री-ओपनिंग सेशन 1:30 बजे से 1:45 बजे तक रहेगा, जबकि मुख्य ट्रेडिंग सेशन 1:45 बजे से 2:45 बजे तक चलेगा. इसके बाद क्लोजिंग सेशन 2:55 बजे से 3:05 बजे तक रहेगा. यानी निवेशकों के पास कुल एक घंटे का समय होगा जब वे शेयर खरीद या बेच सकते हैं.
मुरत ट्रेडिंग की शुरुआत और परंपरा
मुरत ट्रेडिंग भारत की एक पुरानी परंपरा है. इसकी शुरुआत 1957 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में हुई थी और बाद में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने भी इसे अपनाया. दिवाली के दिन निवेश करना शुभ माना जाता है. इस दिन कई ट्रेडर अपने अकाउंट बुक की पूजा करते हैं, जिसे चोपड़ा पूजन कहा जाता है. मारवाड़ी समुदाय का मानना है कि दिवाली के दिन शेयर बेचने से घर में धन का आगमन होता है. वहीं गुजराती व्यापारी इस दिन नए निवेश को शुभ मानते हैं ताकि आने वाला साल अच्छा रहे. यही वजह है कि आज भी निवेशक इस दिन ट्रेडिंग को खास मानते हैं.
पिछले 5 सालों का डेटा क्या बताता है?
अगर आप सोच रहे हैं कि दिवाली के दिन शेयर खरीदने से मुनाफा मिलेगा, तो यह जरूरी नहीं है. पिछले 5 सालों का डेटा कुछ और ही कहता है. ज्यादातर बार मार्केट की शुरुआत तो बढ़त के साथ हुई, लेकिन सेशन खत्म होते होते बाजार लाल निशान में बंद हुआ.
| वर्ष | तारीख | मार्केट ओपनिंग | दिन का परिणाम | कैंडल पैटर्न |
| 2020 | 14 नवंबर | गैप-अप ओपनिंग | दिन के अंत में बाजार गिरा | रेड कैंडल |
| 2021 | 4 नवंबर | गैप-अप ओपनिंग | बाजार लाल निशान में बंद हुआ | रेड कैंडल |
| 2022 | 24 अक्टूबर | तेजी के साथ शुरुआत | ओपनिंग के बाद मार्केट नीचे गया | रेड कैंडल |
| 2023 | 12 नवंबर | गैप-अप ओपनिंग | ओपनिंग के बाद सीधा नीचे गया | रेड कैंडल |
| 2024 | 1 नवंबर | गैप-अप ओपनिंग | बाजार हल्की बढ़त पर बंद हुआ | डोजी कैंडल |
अगर 2008 से 2021 तक के आंकड़े देखें, तो लगभग हर साल बाजार ने ओपनिंग में बढ़त दिखाई, लेकिन क्लोजिंग लाल निशान में रही. इसका मतलब है कि मुरत ट्रेडिंग के दिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग (Intraday Trading) करने वालों को नुकसान हो सकता है. हालांकि, एक दिन पहले निवेश करने वालों को कभी-कभी गैप अप ओपनिंग का फायदा मिलता है.
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क्या मुरत ट्रेडिंग में निवेश करना सही है?
इतिहास बताता है कि मुरत ट्रेडिंग के दिन निवेश करना हमेशा फायदेमंद नहीं होता. उस दिन मार्केट में कम वॉल्यूम और ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है. अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह दिन आपके लिए शुभ शुरुआत का मौका हो सकता है. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए ETF (Exchange Traded Fund) एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ETF में कई शेयरों का समूह होता है, जिससे रिस्क कम हो जाता है. अगर आप पूरे Nifty 50 Index में निवेश करना चाहते हैं, तो आप उसके ETF में पैसा लगा सकते हैं. ETF को स्टॉक की तरह ही खरीदा बेचा जा सकता है, इसलिए यह नए निवेशकों के लिए भी आसान विकल्प है.
डेटा कहता है सोच-समझकर करें निवेश
मुरत ट्रेडिंग दिवाली की एक खास परंपरा है. इस दिन ट्रेडिंग करना कई लोगों के लिए शुभ शुरुआत का प्रतीक होता है. लेकिन अगर आप मुनाफे के लिए निवेश कर रहे हैं, तो जल्दबाज़ी से बचना बेहतर है. पिछले डेटा बताते हैं कि इस दिन बाजार अक्सर ऊपर-नीचे होता है और कई बार लाल निशान में बंद होता है. तो अगर आप ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो समझदारी से करें और लॉन्ग टर्म पर फोकस रखें.
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है. शेयर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस लेख में उपयोग की गई तस्वीरें AI द्वारा तैयार की गई हैं.




