भारत में सोने की कीमतें Gold Price इस हफ्ते लगातार गिर रही हैं., 29 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना 12,158 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना 11,145 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया. इस गिरावट के बाद लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह सोना खरीदने का सही समय है या कुछ दिन रुकना बेहतर रहेगा. भारत में सोने का दाम अपने ऊंचे स्तर से नीचे आ चुका है. कीमतों में यह कमी अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और अमेरिका चीन के बीच घटते तनाव की वजह से आई है. पहले जहां ट्रेड वॉर के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे थे, अब माहौल बदलने लगा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव, सोने के दाम कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.2% बढ़कर 3,957.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा. जबकि मंगलवार को यह 7 अक्टूबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर था. वहीं दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर 0.3% गिरकर 3,971.20 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश की मांग घटने से सोने की कीमतों पर दबाव आया है. उन्होंने कहा कि बाजार में स्थिरता लौटने से अब निवेशक शेयर और बॉन्ड जैसे जोखिम वाले विकल्पों की ओर जा रहे हैं.
अमेरिका चीन व्यापार समझौते की उम्मीदों से गोल्ड मार्केट में बदलाव
अमेरिका और चीन के बीच नए व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. दोनों देशों के अधिकारी हाल ही में इस पर एक मसौदे पर सहमत हुए हैं. इससे टैक्स और निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है. OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग का कहना है कि फिलहाल जो गिरावट दिख रही है, वह निवेशकों के शेयर और दूसरी जोखिम वाली संपत्तियों की ओर झुकाव का नतीजा है. उन्होंने कहा कि अब सबकी नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक पर है. फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में 0.25% की कमी की उम्मीद है. आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती से सोने की कीमतों को सहारा मिलता है, क्योंकि इससे डॉलर कमजोर होता है और निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं.
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन IBJA की उपाध्यक्ष अक्षया कम्बोज ने कहा कि इस साल सोने में पहले ही 50% से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. ऐसे में थोड़ी मुनाफा वसूली होना स्वाभाविक है. उनका मानना है कि यह गिरावट लंबे समय की मंदी नहीं, बल्कि एक सामान्य सुधार है. उन्होंने कहा कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अच्छा हो सकता है. हालांकि जो लोग जल्दी मुनाफा चाहते हैं, उन्हें अभी थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि आने वाले दिनों में बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है.
Gold Price in India फिलहाल नीचे जरूर आया है, लेकिन यह गिरावट लंबे समय तक नहीं रह सकती. अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में नरमी जारी रखता है, तो सोने की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं. वहीं अगर दरें स्थिर रहीं, तो बाजार कुछ समय तक सुस्त रह सकता है. जो लोग सोना खरीदने या निवेश करने का सोच रहे हैं, उनके लिए यह मौका समझदारी से कदम उठाने का है. कुछ दिन बाजार की चाल देखकर फिर खरीदारी शुरू करना बेहतर रहेगा. सोना हमेशा की तरह 2025 में भी सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है.
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