भारत अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है. Google ने बड़ा ऐलान किया है कि वह दुनिया का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Data Center Hub भारत में बनाएगा. यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारत को AI Superpower बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. इस कदम से भारत की डिजिटल ताकत और भी बढ़ेगी.
विशाखापटनम में होगा मेगा AI प्रोजेक्ट की शुरुआत
Google ने अपने इस प्रोजेक्ट के लिए आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम (Visakhapatnam) को चुना है. यहां लगभग 1 गीगावाट स्केल का AI Hub बनाया जाएगा. यह हब भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव लाएगा. कंपनी अगले 5 सालों में करीब ₹88,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस प्रोजेक्ट से देशभर में 20,000 से 30,000 नई नौकरियां मिलने की उम्मीद है. साथ ही, स्थानीय युवाओं को भी नई तकनीक सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.
सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी को दी पूरी जानकारी
Google के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से बात कर इस प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी. पीएम मोदी ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत के डिजिटल भविष्य के लिए बहुत बड़ी बात है. पिचाई ने बताया कि यह हब भारत में एआई रिसर्च, क्लाउड सर्विस और इनोवेशन को नई दिशा देगा. उन्होंने कहा कि भारत के युवा टैलेंट की वजह से देश जल्दी ही AI की दुनिया में बड़ा नाम बनेगा. यह हब अमेरिका के बाहर Google का सबसे बड़ा AI सेंटर होगा.
12 देशों से जुड़ेगा भारत का नया AI Network
यह AI Data Center सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगा. यह सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया जैसे 12 देशों से जुड़ा होगा. इसका मतलब है कि भारत अब Global AI Network का अहम हिस्सा बनेगा. विशाखापटनम का यह हब दुनिया भर में AI Research और Cloud Data Services को जोड़ने का केंद्र बनेगा. Google का कहना है कि यह प्रोजेक्ट “Innovation होगा Indian और Intelligence होगी Global” के विजन पर आधारित है. इससे भारत के डिजिटल इंडिया मिशन को भी नई ताकत मिलेगी.
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नौकरियों और स्किल डेवलपमेंट के नए मौके
इस प्रोजेक्ट से आंध्र प्रदेश में लगभग 5,000 से 6,000 स्थानीय रोजगार बनेंगे. इसके अलावा, Google स्थानीय कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर AI Education और Skill Development Program शुरू करेगा. इससे युवाओं को नई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखने का मौका मिलेगा. सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारत की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास के लिए “Game Changer” साबित होगा. इससे भारत का नाम AI और क्लाउड कंप्यूटिंग की दुनिया में और ऊंचा होगा.
भारत का AI Future अब और मजबूत
Google का यह फैसला भारत की डिजिटल क्षमता पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है. यह प्रोजेक्ट देश में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा. विशाखापटनम अब सिर्फ एक शहर नहीं रहेगा, बल्कि AI Innovation Hub के रूप में दुनिया में जाना जाएगा. यहां से भारत की नई तकनीकी क्रांति शुरू होगी.
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