1991 की मजबूरी से 2025 की मजबूती तक भारत ने लिखी ‘सोने’ सी कहानी!

भारत का गोल्ड रिजर्व 2025 में 100 बिलियन डॉलर पार करता हुआ
भारत ने 1991 की मुश्किलों के बाद 2025 में 100 बिलियन डॉलर का गोल्ड रिजर्व पार किया

भारत ने एक और बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है. जिस देश को कभी अपना सोना गिरवी रखना पड़ा था, आज वही देश 100 बिलियन डॉलर का गोल्ड रिजर्व पार कर चुका है. ये वही भारत है जो 1991 में मुश्किल हालात में था, और अब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से खड़ा है.


1991 में गिरवी पड़ा सोना, अब भारत का गर्व बना

साल 1991 में भारत के पास सिर्फ दो हफ्तों के इंपोर्ट लायक डॉलर बचे थे. तब सरकार को मजबूर होकर देश का सोना गिरवी रखना पड़ा. वो वक्त देश के लिए मुश्किल था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. आज भारत का गोल्ड रिजर्व 102 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है सिर्फ एक साल में इसमें 14% की बढ़ोतरी हुई है. भारत के पास अब इतना सोना है जितना फिलीपींस, स्पेन, डेनमार्क, पेरू, बेल्जियम और वियतनाम जैसे देशों के पूरे विदेशी भंडार (Forex Reserves) से भी ज्यादा है.

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अब सवाल उठता है, ये अचानक कैसे हुआ? क्या भारत के नीचे से सोने की खान मिल गई? नहीं. इसके पीछे है भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्मार्ट रणनीति. जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाना शुरू किया, तो आरबीआई ने जवाब में बड़ा कदम उठाया. पहले आरबीआई के पास 242 बिलियन डॉलर के अमेरिकी बॉन्ड्स थे, लेकिन अब यह घटकर 227 बिलियन रह गए हैं. इन बॉन्ड्स को बेचकर जो पैसा आया, उससे आरबीआई ने बड़ी मात्रा में गोल्ड खरीदा. 

ये फैसला अचानक नहीं था. जनवरी 2024 से ही आरबीआई ने ये काम धीरे-धीरे शुरू कर दिया था. जब दुनिया अमेरिका की मंदी और महंगाई से डर रही थी, तब भारत ने चुपचाप अपना कदम बढ़ा लिया.


क्यों दुनिया गोल्ड को बना रही है भरोसे की करेंसी

आज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि चीन, रूस, तुर्की और सिंगापुर जैसे देश भी अपने रिजर्व में गोल्ड का हिस्सा बढ़ा रहे हैं. क्योंकि सोना किसी एक देश की करेंसी पर निर्भर नहीं होता. न डॉलर पर, न यूरो पर. गोल्ड हमेशा भरोसेमंद रहता है, और यही कारण है कि सेंट्रल बैंक इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं. रूस के अरबों डॉलर जब अमेरिका ने फ्रीज कर दिए थे, तब सभी देशों ने सबक लिया कि डॉलर पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. भारत ने उसी वक्त फैसला कर लिया कि अब वह किसी एक करेंसी पर निर्भर नहीं रहेगा.

आज गोल्ड सिर्फ गहना नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच बन चुका है. सोने की कीमतें पिछले एक साल में 50% तक बढ़ चुकी हैं. दुनिया के कई देशों में लोग बैंकों और ज्वेलरी दुकानों के बाहर लाइन में खड़े हैं सिर्फ गोल्ड खरीदने के लिए. भारत ने वो दौर भी देखा जब उसका सोना गिरवी था लेकिन अब वही सोना देश का गर्व बन गया है. आज भारत ने सिर्फ 100 बिलियन डॉलर का गोल्ड रिजर्व पार नहीं किया है, बल्कि यह दिखा दिया है कि सच्ची आर्थिक ताकत अब डॉलर से नहीं, सोने से मापी जाएगी.

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