ITC के Q2 नतीजे जारी मुनाफा 2.6% बढ़ा, रेवेन्यू घटा निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ITC Q2 Results 2025 में मुनाफा बढ़ा और रेवेन्यू घटा, अमिताभ कांत बने बोर्ड डायरेक्टर
ITC ने Q2FY26 में ₹5,186 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया

ITC Limited ने वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही  Q2FY26  के नतीजे जारी किए हैं. इस बार कंपनी का मुनाफा थोड़ा बढ़ा है, लेकिन रेवेन्यू में कमी दर्ज की गई. कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5,186.55 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹5,054.43 करोड़ से करीब 2.6% ज्यादा है. वहीं, रेवेन्यू घटकर ₹21,255.86 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹21,536.38 करोड़ था कंपनी ने बताया कि इस बार के नतीजे Sresta Natural Bio Products Pvt Ltd SNBPL और Wimco Ltd के जुड़ने  मर्ज होने  के बाद आए हैं, इसलिए पिछले साल से इनकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती.

कम खर्चों से मुनाफे को बढ़त मिली

आईटीसी का कुल खर्च घटकर ₹15,016.02 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹15,415.21 करोड़ था. खर्चों में यह कमी कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने में मददगार रही. कंपनी ने कहा कि इस तिमाही में उसके FMCG और होटल कारोबार ने बेहतर प्रदर्शन किया. हालांकि सिगरेट और पेपर बिजनेस पर दबाव बना रहा.

FMCG और होटल बिजनेस ने दिखाया दम

आईटीसी का FMCG कारोबार पनी की सबसे बड़ी ताकत बनता जा रहा है. आशीर्वाद , सनफीस्ट , बिंगो , विवेल  और क्लासमेट जैसे ब्रांड्स ने इस बार भी अच्छी ग्रोथ दिखाई कंपनी का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में मांग में सुधार हो रहा है और त्योहारों के मौसम में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. होटल कारोबार में कंपनी ने करीब 14% की ग्रोथ दर्ज की. आईटीसी के मुताबिक, कॉर्पोरेट ट्रैवल, टूरिज्म और डेस्टिनेशन वेडिंग्स की वजह से होटल बिजनेस को अच्छा बूस्ट मिला है. डिमर्जर के बाद भी ITC Hotels कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा बना हुआ है.

सिगरेट और पेपर कारोबार पर असर

आईटीसी का सिगरेट बिजनेस इस तिमाही में लगभग स्थिर रहा. कंपनी ने बताया कि टैक्स नियमों और अन्य सरकारी नीतियों के कारण इस कारोबार में ज्यादा तेजी नहीं आई. पेपर और पैकेजिंग बिजनेस में भी दबाव दिखा. इसकी वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमत और ग्लोबल मांग में कमी रही. कंपनी ने कहा कि वह अब सस्टेनेबल और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग सॉल्यूशंस पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में इस बिजनेस को फिर से मजबूत किया जा सके.

अमिताभ कांत बने ITC बोर्ड में नए डायरेक्टर

आईटीसी के बोर्ड ने पूर्व G20 शेरपा और नीति आयोग के CEO रह चुके अमिताभ कांत को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2026 से पांच साल के लिए लागू होगी. कंपनी का कहना है कि उनका अनुभव कंपनी के लिए काफी मददगार रहेगा और फैसले लेने में मजबूती देगा. इसके साथ ही आईटीसी ने अपने शेयरों को कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज CSE से वॉलंटरी डीलिस्ट करने का फैसला भी लिया है. कंपनी पहले से ही BSE और NSE पर लिस्टेड है. चूंकि कोलकाता एक्सचेंज पर ट्रेडिंग बहुत कम होती है, इसलिए अब वहां से डीलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू होगी.

आईटीसी ने कहा कि कठिन बाजार स्थिति और बढ़ती लागतों के बावजूद उसका प्रदर्शन स्थिर रहा. कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में उपभोक्ता मांग और एक्सपोर्ट मार्केट में सुधार देखने को मिलेगा. कंपनी का ध्यान आगे भी FMCG होटल बिजनेस और सस्टेनेबल उत्पादों पर रहेगा. साथ ही आईटीसी अपने डिजिटल रिटेल और नए ब्रांड्स के विस्तार की दिशा में भी काम कर रही है. कंपनी के मुताबिक, भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और बदलती उपभोक्ता आदतों के साथ, ITC के पास ग्रोथ के कई नए अवसर हैं. हमारा लक्ष्य आने वाले समय में प्रॉफिटेबिलिटी के साथ सस्टेनेबल ग्रोथ हासिल करना है.

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डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी कंपनी रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक शेयर मार्केट निवेश करने की सलाह देता है शेयर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले.

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