पिछले हफ्ते शेयर बाजार में काफी हलचल रही. निफ्टी ने नई ऊंचाई छूने की कोशिश की, लेकिन हल्की मुनाफावसूली ने रफ्तार थाम ली. इसके बावजूद निवेशकों का जोश बना रहा. आईटी और पीएसयू बैंकों ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर थोड़ा कमजोर दिखे. अब सभी की नजर आने वाले हफ्ते पर है, जो बाजार के लिए बेहद अहम होने वाला है.
फेड मीटिंग और ट्रेड डील पर टिकी नजर
इस हफ्ते का सबसे बड़ा इवेंट है USA फेडरल रिजर्व की बैठक, जो 28 अक्टूबर से शुरू होगी. उम्मीद है कि फेड 25 बेसिस पॉइंट का रेट कट कर सकता है. हाल के कमजोर अमेरिकी महंगाई आंकड़े इस संभावना को और मजबूत कर रहे हैं. अगर रेट कट होता है, तो भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ सकता है, जिससे शेयर बाजार को मजबूती मिल सकती है.
दूसरा बड़ा फैक्टर है भारत अमेरिका ट्रेड डील. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश इस समझौते को जल्द अंतिम रूप दे सकते हैं. इससे भारत के एक्सपोर्ट पर लगे 50% टैरिफ में राहत मिल सकती है. हालांकि पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत किसी जल्दबाजी में नहीं है.
तीसरा अहम ट्रिगर है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें. बीते हफ्ते तेल की कीमतों में करीब 5% की तेजी आई. अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे भारत की रिफाइनरी कंपनियों पर असर पड़ सकता है. इससे तेल का आयात महंगा हो सकता है और इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है.
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कॉर्पोरेट नतीजे और निवेशक गतिविधियां भी अहम
इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, जिन पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी. इनमें कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, मारुति सुजुकी, अदाणी पावर, कोल इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां शामिल हैं. डिफेंस सेक्टर पहले ही इस साल करीब 26% ऊपर जा चुका है, इसलिए इस सेक्टर के नतीजे काफी अहम रहेंगे.
इसी के साथ विदेशी (FII) और घरेलू (DII) निवेशकों की खरीद पर भी सबकी नजर रहेगी. 24 अक्टूबर को एफआईआई ने ₹621 करोड़ की खरीदारी की, जबकि डीआईआई ने ₹173 करोड़ के शेयर खरीदे. यह दोनों आंकड़े बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं.
निफ्टी के चार्ट्स क्या बता रहे हैं
तकनीकी नजरिए से निफ्टी को 26,100 के ऊपर क्लोजिंग देने की जरूरत है ताकि नई तेजी शुरू हो सके. नीचे की ओर 25,730 और 25,600 के स्तर मजबूत सपोर्ट बने हुए हैं, जबकि रेजिस्टेंस 25,920, 26,000 और 26,080 के आस-पास है.
फेस्टिव सीजन में मांग बढ़ने और संभावित रेट कट से बाजार को सहारा मिल सकता है. हालांकि निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है.
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बाजार की चाल अब इन ट्रिगर्स पर निर्भर
इस हफ्ते बाजार के पास छह बड़े फैक्टर हैं यूएस फेड रेट कट, ट्रेड डील्स, कच्चे तेल की कीमतें, ग्लोबल मुलाकातें, कॉर्पोरेट नतीजे और एफआईआई गतिविधियां. इन सबका सीधा असर निफ्टी और सेंसेक्स की दिशा पर पड़ेगा. अब देखना यह होगा कि निफ्टी फिर से ऑल टाइम हाई पार करता है या मुनाफावसूली एक बार फिर बढ़त पर ब्रेक लगा देती है.
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक शेयर मार्केट निवेश करने की सलाह देता है शेयर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले





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