भारतीय बैंकिंग एक्सपर्ट जिसने सिटी की इन्वेस्टमेंट बैंकिंग को बनाया पावर हाउस!

विस राघवन, सिटीग्रुप निवेश बैंकिंग लीडर और संभावित सीईओ
भारतीय मूल के विस राघवन ने सिटीग्रुप की निवेश बैंकिंग को नई ऊँचाई दी।

विस राघवन, भारतीय मूल के बैंकिंग एक्सपर्ट, 2023 में सिटीग्रुप के निवेश बैंकिंग डिवीजन में शामिल हुए उनकी तेज़ और स्पष्ट रणनीति ने बैंक में बड़े बदलाव लाए हैं निवेश बैंकिंग फीस में बढ़ोतर हुई और सिटी के शेयर नई ऊँचाई पर पहुंचे अब उन्हें भविष्य के संभावित सीईओ के तौर पर भी देखा जा रहा है. 

मुंबई में जन्मे राघवन ने अपना करियर जेपीमॉर्गन चेज़ में बनाया वहां उनकी सख्त और सीधी शैली को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में जब सिटी को निवेश बैंकिंग के लिए सही नेतृत्व नहीं मिल रहा था, तब राघवन ने सीधे सीईओ जेन फ्रेज़र से संपर्क किया और खुद को चुनौती स्वीकार करने के लिए तैयार बताया कुछ ही दिनों में वे न्यूयॉर्क पहुंचे और डिवीजन की कमान संभाली. 

निवेश बैंकिंग में बड़ा असर

राघवन के आने के बाद सिटी ने कई बड़े सौदों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जॉनसन एंड जॉनसन के $14.6 बिलियन के अधिग्रहण और निप्पॉन स्टील के $15 बिलियन के यूएस स्टील अधिग्रहण में सिटी ने सलाह दी दूसरी तिमाही में निवेश बैंकिंग फीस में 13% की बढ़ोतरी हुई और पिछले साल सिटी के शेयर लगभग 70% बढ़ गए यह स्तर 2008 के बाद सबसे ऊँचा है. 

राघवन अब सिटी के कार्यकारी प्रबंधन टीम में कार्यकारी उपाध्यक्ष के पद पर हैं यह शीर्षक केवल उनके पास है 2023 में उन्होंने $22.6 मिलियन कमाए और जेपीमॉर्गन में छोड़े गए वेतन की भरपाई के लिए $52 मिलियन का पुरस्कार भी लिया इससे वे सिटी के सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारकों में शामिल हो गए. 

टीम और नेतृत्व शैली

राघवन ने अपनी तेज़ और सख्त शैली से टीम में नया जोश भर दिया उन्होंने नए टैलेंट को भर्ती किया, कई बैंकरों को जेपीमॉर्गन से लाया और कम प्रदर्शन करने वालों को हटाया उन्होंने सीईओ और सीएफओ के साथ सीधे संवाद बढ़ाया और ग्राहक के हर अवसर को सुरक्षित किया उनकी स्पष्ट रणनीति और कड़े नेतृत्व ने निवेश बैंकिंग डिवीजन में बदलाव लाया है. 

हालांकि, सभी इसे पसंद नहीं कर रहे कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों को लगा कि उन्हें किनारे किया गया है नए कर्मचारियों के गारंटीकृत वेतन ने साल के अंत में बोनस पर चिंता बढ़ा दी फिर भी, परिणाम साफ हैं सिटी ने बड़े सौदों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा और कई सेक्टरों में मजबूत पकड़ बनाई. 

चुनौतियां और आगे का रास्ता

सिटी अभी भी गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपीमॉर्गन की तुलना में कुल बाजार हिस्सेदारी में पीछे है राघवन की असली चुनौती यह होगी कि बैंक के रिटर्न को बेहतर स्तर तक ले जाना उनका लक्ष्य साफ है कि सिटी हर क्षेत्र में अपने ग्राहकों के लिए मुख्य बैंक बने इसके लिए वे निवेश बैंकिंग और कमर्शियल बैंकिंग को जोड़कर रणनीति तैयार कर रहे हैं. 

सिटी ने अपोलो के साथ $25 बिलियन की साझेदारी की है, जिससे बैंक निजी पूंजी बाजार में और हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारी कर रहा है यदि उनका टर्नअराउंड सफल होता है, तो राघवन सिटी के सीईओ बनने के लिए मजबूत दावेदार बन सकते हैं. 

वैश्विक वित्तीय दुनिया में भारतीय नेतृत्व

मुंबई से लंदन और न्यूयॉर्क तक राघवन की यात्रा भारतीय मूल के वैश्विक वित्तीय नेताओं के उदय को दर्शाती है उनका करियर दिखाता है कि सख्त नेतृत्व और स्पष्ट रणनीति से किसी भी वित्तीय संस्था में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है उनकी सफलता न केवल सिटीग्रुप के लिए अहम है, बल्कि यह भारतीय पेशेवरों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रेरणा बन रही है. 

राघवन की कहानी यह साबित करती है कि सही रणनीति और नेतृत्व क्षमता के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है सिटीग्रुप में उनका प्रभाव और आने वाले सालों में उनकी भूमिका निवेश बैंकिंग और वैश्विक वित्तीय बाजार में बड़े बदलाव की दिशा दिखा रही है. 


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