टैक्स ऑडिट में फंसे करदाताओं को राहत, राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से कहा- तुरंत बढ़ाएँ डेडलाइन

राजस्थान हाईकोर्ट टैक्स ऑडिट रिपोर्ट डेडलाइन बढ़ाने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की तारीख बढ़ाने का अंतरिम आदेश दिया।

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाने पर महत्वपूर्ण अंतिम आदेश दिया. अदालत ने सरकार को कहा है कि नई तारीख का आधिकारिक नोटिफिकेशन 31 अक्टूबर तक जारी किया जाए.

याचिका में उठाई गई समस्याएँ

टैक्स बार एसोसिएशन ने याचिका में कहा कि पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की देरी से करदाताओं और टैक्स पेशेवरों को गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं. लॉग-इन, फॉर्म सबमिशन और प्रमाण पत्र अपलोड करने में बार-बार त्रुटियाँ आ रही हैं, जिससे समय पर रिपोर्ट फाइल करना कठिन हो गया है.

अदालत की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि तकनीकी समस्याओं के कारण पेशेवरों पर अनुचित दबाव पड़ रहा है, जो करदाताओं और उनके कामकाज दोनों पर असर डालता है. अदालत ने कहा कि एक्सटेंशन न मिलने से अंतिम समय में भागदौड़ और गलतियों का खतरा बढ़ जाएगा.

समय बढ़ाने की आवश्यकता

अंतिम आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम तिथि को एक महीने बढ़ाया जाना चाहिए ताकि पेशेवर व्यवस्थित तरीके से काम पूरा कर सकें. साथ ही, सरकार को 31 अक्टूबर तक नई तारीख तय कर अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए. फिलहाल कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, जिससे धारकों में चिंता बनी हुई है.

टैक्स प्रोफेशनल्स की प्रतिक्रिया

टैक्स पेशेवरों ने अदालत के आदेश का स्वागत किया. उनका कहना है कि एक्सटेंशन सिर्फ औपचारिक कदम नहीं, बल्कि उनके काम की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए जरूरी है. सही दस्तावेज इकट्ठा करने, अनुप्रयोगों की जांच और आवश्यक संशोधनों के लिए पर्याप्त समय चाहिए. देर से अधिसूचना आने पर गलतियाँ बढ़ सकती हैं, जो करदाताओं के लिए दंड और विवाद का कारण बनेंगी.

अन्य हाईकोर्ट्स में लंबित मामले

विचारण में यह भी सामने आया कि देश के अन्य हाईकोर्ट्स में भी इसी तरह की याचिकाएँ लंबित हैं. अदालत ने संकेत दिया कि जहाँ तक सम्भव हो, फैसलों की समेकित प्रकृति पर ध्यान दिया जाए ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में असमानता न हो. यदि समान आदेश दिए जाते हैं तो केंद्र सरकार के लिए एकसमान नोटिफिकेशन जारी करना आसान होगा.

अगली सुनवाई की तिथि

अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी. उस दिन अदालत तकनीकी रिपोर्टों और सरकार की प्रतिक्रिया की समीक्षा करेगी. कर विशेषज्ञों का कहना है कि उस तारीख के बाद स्थिति और साफ होगी और सरकार की तरफ से भी कदम उठने की संभावना है.

करदाताओं और कारोबार पर असर

इस पूरे मामले का असर टैक्स अनुपालन, ऑडिटर्स की समय और कारोबारियों की योजना पर पड़ेगा. यदि समय पर एक्सटेंशन और नोटिफिकेशन मिल जाता है तो पेशेवरों को राहत और रिपोर्टिंग में सुधार होगा. लेकिन देरी होने पर अंतिम दिनों में दबाव और गलतियाँ बढ़कर करदाताओं के लिए खर्च और विवाद का कारण बन सकती हैं.

सरकार की चुप्पी और अहम तिथियाँ

सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ऐसे में 31 अक्टूबर और 27 अक्टूबर की तिथियाँ करदाताओं और पेशेवरों दोनों के लिए निर्णायक साबित होंगी. लेखा फर्में और वित्तीय सलाहकार भी अब इन्हीं तिथियों पर नज़र बनाए हुए हैं.


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