बाइक राइड से फ्लाइट तक: Rapido का साहसी कदम भारत में बदल सकता है ट्रैवल गेम

Rapido ऐप से ट्रैवल और फूड बुकिंग – भारत सुपर ऐप विस्तार
Rapido अब ट्रेन, बस, फ्लाइट और होटल बुकिंग में भी कदम रख रहा है

Rapido ने हाल ही में Goibibo, Confirmtkt और RedBus के साथ पार्टनरशिप की है. अब आप Rapido ऐप से सीधे ट्रेन्स, बस, फ्लाइट और होटल बुक कर सकते हैं. यह बदलाव उनके नए फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म के लॉन्च के कुछ ही हफ्तों बाद आया है. पहली नजर में यह स्मार्ट विस्तार लगता है, लेकिन जो लोग Rapido की कहानी जानते हैं, उन्हें लगता है कि यह कंपनी का सबसे बड़ा जोखिम भी हो सकता है.


Rapido की शुरुआत और दो-पहिया टैक्सी मॉडल

2015 में जब Ola और Uber भारत में कार-हैलिंग पर ध्यान दे रहे थे, Rapido ने दो-पहिया टैक्सी पर ध्यान दिया. भारत में ज्यादातर लोग दो-पहिया का इस्तेमाल करते हैं और यह विकल्प सस्ता और आसान था. इसके अलावा, दो-पहिया मालिकों के लिए अतिरिक्त कमाई का मौका भी था.

इस विचार ने Rapido का पूरा बिज़नेस मॉडल बनाया. 2020 तक कंपनी 400+ शहरों में थी और उसके प्लेटफ़ॉर्म पर 1 मिलियन से ज्यादा बाइक कैप्टन जुड़े थे. हालांकि, उन्हें कई राज्यों में कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. Karnataka और Tamil Nadu में बैन तक ने उनके बिज़नेस को खतरे में डाल दिया था. लेकिन Rapido ने मेहनत की और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर अपनी पकड़ बनाई.


नया विस्तार: फूड डिलीवरी और ट्रैवल

Rapido ने पहले फूड डिलीवरी शुरू की थी, लेकिन अभी यह पायलट फेज़ में है. अब कंपनी ट्रैवल मार्केट में भी कदम रख रही है. भारत का ट्रैवल मार्केट करीब 5.8 ट्रिलियन रुपये का है और ज्यादातर हिस्सा अब भी अनऑर्गनाइज्ड है.

Rapido के पास 50 मिलियन सक्रिय यूज़र्स हैं, जिनमें बड़ी संख्या टियर-2 और टियर-3 शहरों से आती है. अगर Rapido इस यूज़र बेस को ट्रैवल सर्विस में जोड़ने में सफल होता है, तो संभावित फायदा बहुत बड़ा हो सकता है. लेकिन सवाल यह है कि क्या यूज़र नई सर्विस को अपनाएंगे? भारत में कई सुपर ऐप्स फेल हो चुके हैं क्योंकि यूज़र का भरोसा नई कैटेगरी में ट्रांसफर करना आसान नहीं होता.


निवेश और विकास की चुनौती

Rapido अब 10 साल पुरानी कंपनी है और नए निवेशकों से $550 मिलियन यानी लगभग 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. शुरुआती निवेशकों को रिटर्न देने और कंपनी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह जरूरी है.

नए निवेशक, जैसे Process फंड, चाहते हैं कि Rapido हर साल 50–60% की वृद्धि बनाए. इसलिए कंपनी नई वर्टिकल्स में कदम रख रही है. लेकिन हर नई पेशकश के साथ जोखिम भी बढ़ता है. अगर Rapido फूड डिलीवरी और ट्रैवल में सफल नहीं होता, तो यह उनके ब्रांड और निवेशकों के भरोसे पर असर डाल सकता है.

भारत में डिजिटल और टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है. Maples ऐप, जो Mapmyindia ने बनाया है, Apple App Store पर नंबर एक नेविगेशन ऐप बन गया है. इसमें नौ भारतीय भाषाओं में नेविगेशन, लेवल गाइडेंस और ट्रैफिक अपडेट जैसी सुविधाएं हैं. इसके अलावा Muse Variables ने NPCI के साथ मिलकर स्मार्ट पेमेंट रिंग लॉन्च की है. यह रिंग UPI नेटवर्क से जुड़ती है और टच से पेमेंट की सुविधा देती है. Skyro Aerospace ने Vicram 1 रॉकेट के लिए ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल का सफल परीक्षण किया है. ये सभी उदाहरण दिखाते हैं कि भारत के घरेलू डिजिटल और टेक्नोलॉजी समाधान तेजी से विकसित हो रहे हैं.

Rapido मार्केट में कदम रखते समय सावधानी जरूरी है. अब देखना यह है कि क्या यह कंपनी अपने यूज़र बेस का भरोसा नई सर्विसेज़ में बनाए रख पाएगी या यह उनका सबसे बड़ा जोखिम साबित होगा.

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