महिलाओं की संतुष्टि का राज साइज नहीं कुछ और है! शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

पुरुष स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की राय असली साइज है आत्मविश्वास
डॉक्टरों के मुताबिक, साइज नहीं बल्कि आत्मविश्वास और सेहत सबसे अहम है

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या साइज वाकई मायने रखता है? सोशल मीडिया और विज्ञापनों में इस पर कई तरह की बातें कही जाती हैं लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली बात शरीर की सेहत और ब्लड फ्लो की होती है न कि साइज की

नेचुरल साइज ही नॉर्मल होता है

डॉक्टरों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति का साइज 15 से 17 साल की उम्र में जैसा था और वही साइज 30 या 40 साल की उम्र में भी बना रहता है तो यह पूरी तरह सामान्य है. इस पर तनाव लेने की जरूरत नहीं होती कई बार लोग बार बार मास्टरबेशन या ओवरयूज के कारण ब्लड फ्लो में कमी ला देते हैं जिससे नसें सिकुड़ जाती हैं और साइज थोड़ा कम लग सकता है. यह स्थिति ज्यादातर अस्थायी होती है और सही खानपान और आराम से सुधर जाती है, अगर आपके पार्टनर को कोई परेशानी नहीं है तो खुद पर शक करने की जरूरत नहीं. शरीर जैसा है वैसा ही सही है.

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साइज बढ़ाने वाली दवाएं और क्रीम सिर्फ झांसा हैं

मार्केट में कई उत्पाद और विज्ञापन ऐसे हैं जो दावा करते हैं कि साइज बढ़ाया जा सकता है, डॉक्टरों के अनुसार इनमें कोई सच्चाई नहीं है. ये सिर्फ ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए बनाए जाते हैं, शरीर का आकार दवाओं से नहीं बदलता असली फर्क शरीर की फिटनेस और आत्मविश्वास से पड़ता है. कई लोग दूसरों से तुलना कर परेशान हो जाते हैं जिससे मानसिक दबाव बढ़ता है, असल में शरीर बिल्कुल सामान्य रहता है.

महिलाओं की हैप्पीनेस में साइज का रोल कम

रिसर्च कहती है, करीब 96% महिलाएं सिर्फ पेनिट्रेशन से ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंचतीं उनका रियल प्लेजर क्लिटोरल स्टिम्युलेशन से जुड़ा होता है. क्लिटोरिस एक छोटा लेकिन सेंसिटिव पार्ट है, जो ब्लड फ्लो से एक्टिव होता है, और फीमेल सेक्सुअल एक्सपीरियंस में मेजर रोल प्ले करता है, इसे समझना और पार्टनर के साथ खुलकर बात करना सेक्स लाइफ को बेहतर बना सकता है. साइज पर ध्यान देने के बजाय रिश्ते में भरोसा समझ और कम्युनिकेशन ज्यादा जरूरी है, यही एक सुखद संबंध की कुंजी है.

असल ताकत साइज नहीं कॉन्फिडेंस है

डॉक्टर्स का कहना है, साइज नहीं बल्कि कॉन्फिडेंस ही असली पावर है। अगर आप हेल्दी हैं, आपका पार्टनर हैप्पी है और रिलेशन में बैलेंस है, तो किसी तुलना में पड़ने की जरूरत नहीं अपनी नेचुरल बॉडी को एक्सेप्ट करें और खुद पर ट्रस्ट रखें यही है एक हेल्दी और हैप्पी सेक्स लाइफ का असली साइन

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डिस्क्लेमर – यह आर्टिकल सिर्फ जनरल इंफॉर्मेशन के लिए है, इसे मेडिकल एडवाइस के तौर पर न लें किसी भी हेल्थ इश्यू या ट्रीटमेंट से पहले अपने डॉक्टर से कंसल्ट ज़रूर करें

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