रिटायरमेंट के बाद हर महीने खर्च चलाने की चिंता आम है. अगर आप चाहते हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद भी हर महीने तय इनकम मिलती रहे, तो SWP Systematic Withdrawal Plan एक बेहतरीन तरीका है. यह प्लान आपको नियमित इनकम देता है और साथ ही आपकी बची हुई रकम पर ब्याज भी जोड़ता रहता है.
SWP क्या है और कैसे काम करता है
SWP यानी सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान म्यूचुअल फंड की ऐसी सुविधा है, जिसमें आप अपने निवेश से हर महीने या हर तिमाही एक तय रकम निकाल सकते हैं. इसे आसान भाषा में समझें तो यह आपकी स्वनिर्मित पेंशन स्कीम है. जहां SIP Systematic Investment Plan में आप हर महीने पैसा जोड़ते हैं, वहीं SWP में उसी निवेश से धीरे धीरे पैसा निकालते हैं.
यह तरीका खास तौर पर उन रिटायर लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें हर महीने एक निश्चित आमदनी की जरूरत होती है. इस प्लान में आपका निवेश म्यूचुअल फंड में बना रहता है, जिससे आपकी पूंजी भी समय के साथ बढ़ती रहती है.
करोड़ से हर महीने ₹50,000 निकालने पर क्या होगा?
मान लीजिए आपने ₹1 करोड़ रुपये किसी बैलेंस्ड या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में लगाए हैं, जो औसतन 10% सालाना रिटर्न देता है. अगर आप हर महीने ₹50,000 रुपये निकालते हैं, तो यह आपके पूरे निवेश का लगभग 6% वार्षिक निकासी दर (Withdrawal Rate) बनता है.
अब मान लें कि हर साल आप महंगाई के हिसाब से अपनी निकासी में 5% की बढ़ोतरी करते हैं, ताकि खर्चों पर असर न पड़े. ऐसे में आपका फंड अगले 30 साल तक खत्म नहीं होगा.
कैलकुलेशन के अनुसार
30 साल में आपकी कुल निकासी होगी करीब ₹3.98 करोड़ रुपये
आपकी पूंजी पर कमाई होगी लगभग ₹3.97 करोड़ रुपये
और अंत में आपके पास बचेंगे करीब ₹98.68 लाख रुपये
महंगाई को ध्यान में रखें तो इसकी वास्तविक वैल्यू करीब ₹22.83 लाख रुपये होगी.
इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद भी आपकी पूंजी पूरी तरह खत्म नहीं होगी, बल्कि आख़िर में भी एक मजबूत फंड आपके पास रहेगा.
अगर ₹40,000 निकालें तो और बढ़ेगा फंड
अगर आप हर महीने ₹50,000 की जगह ₹40,000 रुपये निकालना शुरू करते हैं, तो आपका फंड और ज्यादा सुरक्षित रहेगा. इस स्थिति में 30 साल बाद आपके पास करीब ₹4.28 करोड़ रुपये का कॉर्पस होगा, जिसकी महंगाई समायोजित वैल्यू लगभग ₹99 लाख रुपये होगी.
रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय यह तय करना बहुत जरूरी है कि आप हर साल अपने निवेश से कितने प्रतिशत पैसे निकालना चाहते हैं.
4% निकासी दर को सुरक्षित माना जाता है, जिससे पूंजी लंबे समय तक चलती है.
5% दर को संतुलित कहा जा सकता है इनकम भी ठीक और जोखिम भी कम.
6% दर थोड़ी आक्रामक होती है, जिसमें इनकम ज्यादा होती है लेकिन फंड जल्दी घट सकता है.
इसलिए, अगर आप चाहते हैं कि आपकी बचत लंबे समय तक चले, तो निकासी दर कम रखना बेहतर रहेगा.
SWP क्यों है स्मार्ट और भरोसेमंद विकल्प
SWP की सबसे बड़ी खासियत है लचीलापन. आप खुद तय कर सकते हैं कि हर महीने कितना पैसा निकालना है और कब निकालना है. इस प्लान में आपका निवेश म्यूचुअल फंड में बना रहता है, जिससे ब्याज के जरिए आपकी पूंजी भी बढ़ती रहती है.
यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो रिटायरमेंट के बाद भी स्थिर, भरोसेमंद और टैक्स फ्रेंडली इनकम चाहते हैं. बस ध्यान रखें कि किसी भी निवेश में कुछ जोखिम जरूर होता है. इसलिए SWP शुरू करने से पहले अपने फाइनेंशियल सलाहकार से बात करना समझदारी है.
यह भी पढ़ें – POMIS स्कीम 15 लाख तक जमा कर कमाएं हर महीने तय ब्याज जानिए कैसे खुलता है खाता
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक शेयर मार्केट निवेश करने की सलाह देता है शेयर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले




