भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह फिर से हलचल दिखी. शुरुआती बढ़त के बाद 10 बजे के बाद Sensex और Nifty दोनों में गिरावट आने लगी. लेकिन इस गिरावट के बीच एक अच्छी खबर ने निवेशकों को राहत दी State Bank of India SBI ने अपने Yes Bank में निवेश से लगभग 14% प्री टैक्स रिटर्न (IRR) कमाया है. यह खबर बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा भरोसे का संकेत मानी जा रही है.
SBI का मिशन पूरा संकट से बाहर निकला Yes Bank
SBI के चेयरमैन सी. एस. सेट्टी ने बताया कि Yes Bank में किया गया निवेश सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं था, बल्कि देश की बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के मकसद से किया गया था. उन्होंने कहा कि साल 2020 में जब Yes Bank मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब SBI ने आगे बढ़कर उसकी पुनर्निर्माण प्रक्रिया में हिस्सा लिया था.
तीन साल के बाद अब बैंक न सिर्फ वित्तीय रूप से मजबूत हुआ है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन चुका है. सेट्टी ने कहा, यह सिर्फ रिटर्न की बात नहीं थी बल्कि एक बड़े निजी बैंक को संकट से निकालने की जिम्मेदारी थी.
उन्होंने यह भी बताया कि SBI के पास अभी Yes Bank की 10% हिस्सेदारी है. बैंक पर इसे बेचने या रखने का कोई दबाव नहीं है. सेट्टी ने कहा हम सही समय आने पर फैसला करेंगे.
Yes Bank में नया अध्याय जापानी बैंक SMBC की बड़ी एंट्री
Yes Bank के लिए एक और बड़ा मोड़ तब आया जब जापान के Sumitomo Mitsui Banking Corporation SMBC को RBI से बैंक में 24.99% हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिली. SMBC ने मई 2025 में करीब $1.6 बिलियन लगभग ₹13,000 करोड़ में 20% हिस्सेदारी खरीदने का सौदा किया था. यह सौदा भारत के बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी विदेशी डील्स में से एक है.
इस सौदे के बाद Yes Bank को नई पूंजी, विश्व समर्थन और बेहतर प्रबंधन का अनुभव मिला है. इससे बैंक की प्रगति और तेज़ होने की उम्मीद है. SBI चेयरमैन ने कहा, नए निवेशक के आने से हमारे सुधार अभियान को पूरा करने में मदद मिली है. इससे साफ है कि Yes Bank अब भरोसे और विकास के नए दौर में पहुंच चुका है.
भरोसे और विकास की राह पर Yes Bank
SBI के हालिया बयान और SMBC की एंट्री से निवेशकों को यह भरोसा मिला है कि Yes Bank अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है. SBI धीरे धीरे अपनी हिस्सेदारी पर फैसला लेने की तैयारी में है, जबकि SMBC जैसे विदेशी बैंक की मौजूदगी से Yes Bank की साख और बढ़ गई है. Yes Bank अब संकट से निकलकर एक विकास केंद्रित बैंक Growth Focused Bank बन गया है. SBI का यह कदम सिर्फ एक आर्थिक निवेश नहीं, बल्कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में दोबारा विश्वास जगाने की मिसाल है.
Yes Bank का यह सफर अब संकट से स्थिरता तक पहुंच गया है. SBI के लिए यह निवेश सिर्फ मुनाफे का सौदा नहीं, बल्कि एक अहम बैंक को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी जीत है.
चेयरमैन सेट्टी ने कहा, अब यह सिर्फ रिटर्न की बात नहीं बल्कि एक जरूरी बैंक को संभालने की जीत है. इस खबर ने बाजार में यह संदेश दिया है कि भारत का बैंकिंग सेक्टर अब भरोसे और मजबूती के नए दौर में कदम रख चुका है.
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