नई दिल्ली. इस साल चांदी के दामों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. जनवरी से अब तक चांदी की कीमतें दोगुनी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं. 15 अक्टूबर को दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 1 किलो चांदी ₹1.89 लाख से ऊपर बिक रही थी. चेन्नई में तो यह ₹2 लाख तक पहुंच गई. सिर्फ दो दिनों में चांदी ₹6,000 महंगी हो गई. सोने की कीमतें जहां इस साल करीब 55% से 60% तक बढ़ी हैं, वहीं चांदी ने 106% से ज्यादा उछाल मारा है. यानी 2025 में सिल्वर ने सोने को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है.
चांदी की मांग बढ़ी, बाजार में कमी दिखी
दुनिया के कई देशों में अब चांदी की कमी महसूस की जा रही है. पुराने स्टॉक खत्म हो चुके हैं और नई माइनिंग इतनी तेजी से नहीं हो पा रही. करीब 70% चांदी दूसरे मेटल जैसे कॉपर, जिंक और लेड के साथ निकलती है. इसलिए इसका उत्पादन बढ़ाना आसान नहीं है.
भारत में दिवाली और धनतेरस से पहले सिल्वर की मांग सबसे ज्यादा रहती है. इस बार भी बाजारों में यही हाल है. मुंबई के ज़वेरी बाजार के कारोबारियों ने बताया कि उन्होंने नए ऑर्डर रोक दिए हैं क्योंकि स्टॉक बहुत कम बचा है. दिल्ली और कोलकाता में भी दामों में तेजी जारी है. कई ज्वेलर्स ऊंचे दामों पर पुराना स्टॉक बेच रहे हैं.
Silver Investment का क्रेज, ETF में भी बढ़ी दिलचस्पी
लोग अब सिल्वर कॉइन, मूर्तियां और किलो बार खरीद रहे हैं. कई लोग असली चांदी अपने घर रखना चाहते हैं. वहीं कुछ निवेशक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ETF (Exchange Traded Fund) के जरिए इन्वेस्ट कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ बड़े म्यूचुअल फंड अब नए निवेश नहीं ले रहे क्योंकि बाजार में फिजिकल चांदी की कमी है. लंदन और न्यूयॉर्क के बुलियन मार्केट में भी चांदी की भारी किल्लत है. वहां इतनी कमी हो गई कि न्यूयॉर्क से जहाजों में सिल्वर मंगानी पड़ रही है. 1980 के बाद यह पहली बार है जब चांदी इतनी महंगी हुई है.
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एक्सपर्ट की चेतावनी तेज़ी के बाद गिरावट भी संभव
बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक चांदी $65 प्रति औंस तक जा सकती है, जबकि सोना $5000 तक पहुंच सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट कहते हैं कि चांदी के दाम जितनी तेजी से ऊपर जाते हैं, उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकते हैं. 2011 में भी ऐसा हुआ था जब चांदी एक हफ्ते में 30% गिर गई थी. इकोनॉमिक एनालिस्ट विवेक कॉल ने कहा कि अभी “पैनिक बाइंग” यानी डर में खरीदारी नहीं करनी चाहिए. उनका मानना है कि मौजूदा प्रीमियम आगे चलकर घट सकता है, जिससे खरीदारों को नुकसान हो सकता है.
सोच-समझकर करें चांदी में निवेश
इस समय हर कोई चांदी में इन्वेस्ट करना चाहता है. लेकिन एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जल्दबाजी न करें. बीते चार सालों में चांदी की मांग लगातार बढ़ी है, जबकि सप्लाई पीछे रह गई है. यही वजह है कि दाम आसमान छू रहे हैं. अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश सोच रहे हैं, तो यह मौका फायदेमंद हो सकता है. लेकिन अगर आप सिर्फ थोड़े मुनाफे के लिए खरीदना चाहते हैं, तो सावधानी जरूरी है. इतिहास बताता है कि चांदी जितनी तेजी से ऊपर जाती है, उतनी ही जल्दी नीचे भी गिरती है. इसलिए निवेश करने से पहले सही जानकारी लेना जरूरी है.
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