दिवाली नजदीक है और सोना-चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. जहां सोने के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं, वहीं चांदी (Silver Price) ने भी तेजी पकड़ ली है. शनिवार, 11 अक्टूबर को चांदी की कीमत में करीब ₹6,000 प्रति किलो की बड़ी बढ़त हुई. कई शहरों में इसका भाव ₹1,80,000 प्रति किलो के पार पहुँच गया है.
चेन्नई में सबसे महंगी चांदी, दिल्ली और मुंबई में भी बढ़त
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में चांदी ₹1,84,800 प्रति किलो तक बिक रही है. दिल्ली में यह ₹1,74,100 प्रति किलो है. मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, लखनऊ और जयपुर में भी दाम लगभग ₹1,84,000 के करीब हैं. हैदराबाद और चेन्नई में रेट सबसे ऊँचे हैं. बढ़ती कीमतों से मध्यम वर्ग के लिए चांदी खरीदना मुश्किल हो गया है, लेकिन Dhanteras और Diwali के शुभ अवसर पर लोग अब भी इसे खरीदने से पीछे नहीं हट रहे.
बढ़ती मांग और कमी से ज्वेलर्स ने रोके ऑर्डर
देश में चांदी की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई ज्वेलर्स फिलहाल नए ऑर्डर नहीं ले रहे. बाजार में फिजिकल चांदी की कमी दिखाई दे रही है पिछले हफ्ते प्रमुख सिल्वर ईटीएफ जैसे SBI Silver, HDFC Silver और Axis Silver में 9% से 13% तक की बढ़त दर्ज की गई. इससे साफ है कि निवेशक अब Physical Silver Investment में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं.
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विश्व मांग और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल बढ़ा रहे दाम
चांदी की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण घरेलू नहीं बल्कि International Silver Market है. दुनिया भर में Industrial Demand for Silver तेजी से बढ़ रही है. खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. सोलर पैनल और बैटरी बनाने में इसकी जरूरत ज्यादा हो रही है. डिमांड बढ़ने और सप्लाई सीमित होने के कारण कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में Silver Price in India और बढ़ सकता है. दिवाली पर चांदी न सिर्फ शुभ मानी जाती है, बल्कि अब यह Safe Investment Option के रूप में भी उभर रही है. निवेशक और ग्राहक दोनों अब इसे सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं देख रहे. यह भरोसेमंद निवेश बन चुकी है.
मार्केट ट्रेंड और असली हकीकत में अंतर
हालांकि 9 अक्टूबर को MCX सिल्वर दिसंबर वायदा में 0.6% की हल्की गिरावट हुई. इससे यह साफ होता है कि बाजार की धारणा और असली मांग में अंतर है. फिर भी, बढ़ती ग्लोबल डिमांड और सीमित सप्लाई के कारण चांदी के दाम आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं. तेजी से बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है. लेकिन परंपरा और शुभता के कारण Diwali Silver Buying Trend अभी भी कायम है. विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में अभी लंबी रेस बाकी है. इसकी बढ़ती ग्लोबल डिमांड और सीमित सप्लाई इसे और कीमती बनाएगी.
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