देश में म्यूचुअल फंड में Systematic Investment Plan SIP यानी एसआईपी के जरिए निवेश करना अब बहुत आम हो गया है. हर महीने लाखों लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा इसमें लगाते हैं ताकि भविष्य के लिए फंड तैयार हो सके. लेकिन बीते एक साल में कई लोगों के पोर्टफोलियो में रिटर्न बहुत कम या निगेटिव दिख रहा है. कई निवेशक सोशल मीडिया पर यह कह रहे हैं कि उन्हें 12 से 15 महीने से SIP करते हुए हो गए हैं, लेकिन अब तक कोई फायदा नहीं दिख रहा. कुछ का पैसा घटा है और कुछ को बिल्कुल भी ग्रोथ नहीं मिली है. अब सबके मन में सवाल है कि आगे क्या किया जाए.
बाजार में बदलाव से घटे रिटर्न
पिछले साल सितंबर 2024 से शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस दौरान कई बड़ी घटनाओं ने बाजार की दिशा पर असर डाला है. अमेरिका, चीन और यूरोप के बीच ट्रेड वार और नए टैक्स नियमों की वजह से निवेशकों का भरोसा डगमगाया है. इस माहौल में भारत का शेयर बाजार भी कमजोर हुआ और उसका असर SIP पोर्टफोलियो पर पड़ा. कई फंड्स ने कम रिटर्न दिए या घाटा दिखाया. हालांकि यह हालात हमेशा के लिए नहीं हैं. SIP में निवेश का फायदा तभी मिलता है जब इसे लंबे समय तक जारी रखा जाए.
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सिर्फ एक साल का रिटर्न देखकर फैसला न लें
अगर आपका SIP पोर्टफोलियो इस साल कमजोर दिख रहा है, तो तुरंत परेशान न हों. कई फंड्स ऐसे हैं जिनका एक साल का प्रदर्शन खराब है, लेकिन तीन या पांच साल में उन्होंने शानदार रिटर्न दिए हैं.
| म्यूचुअल फंड का नाम | 1 साल का रिटर्न | 3 साल का रिटर्न (प्रति वर्ष) | 5 साल का रिटर्न (प्रति वर्ष) |
|---|---|---|---|
| Tata Small Cap Fund | -4% | 21.41% | 31% |
| Shriram Flexi Cap Fund | नुकसान (निगेटिव) | 13% | 16% |
| HDFC NIFTY200 Momentum 30 ETF | — | 17.5% | — |
| Kotak Small Cap Fund | — | 18% | 28% |
इन आंकड़ों से साफ है कि SIP में लंबी अवधि का नजरिया जरूरी है. कम समय में बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है, लेकिन समय के साथ यह निवेश मुनाफा देता है.
बाजार गिरने पर SIP रोकना सही नहीं
जब बाजार गिरता है तो कई लोग अपनी SIP बंद कर देते हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करने से नुकसान रुक जाएगा. लेकिन असल में SIP का फायदा तब ही होता है जब आप इसे हर हाल में जारी रखें. बाजार नीचे होता है तो आपकी तय रकम से ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं. जब बाजार दोबारा ऊपर जाता है, तो यही सस्ते में खरीदी यूनिट्स बड़ा मुनाफा देती हैं. इसलिए बाजार की गिरावट में SIP रोकना सही नहीं है. अगर पोर्टफोलियो कमजोर लग रहा है, तो पहले उसे ध्यान से जांचें या अपने फंड की तुलना उसी कैटेगरी के दूसरे फंड से करें. अगर फर्क बहुत ज्यादा है, तभी बदलाव पर विचार करें. नहीं तो थोड़ा इंतजार करें. मार्केट सुधरने के बाद रिटर्न फिर से बेहतर हो सकते हैं.
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सही बैलेंस और प्लान जरूरी
हर व्यक्ति की रिस्क लेने की क्षमता अलग होती है. अगर आप ज्यादा रिस्क ले सकते हैं, तो इक्विटी फंड्स में 5 साल या उससे ज्यादा के लिए SIP करें. अगर आप ज्यादा सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो कुछ हिस्सा Debt Fund या Hybrid Fund में लगाएं. पोर्टफोलियो में कई तरहें भी जरूरी है. अलग अलग कैटेगरी के फंड्स जैसे Multi Cap, Flexi Cap या Aggressive Hybrid Fund में SIP लगाकर आप जोखिम कम कर सकते हैं. ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा फंड्स में निवेश करने से भी फायदा नहीं होता. 8 से 10 SIP में पैसा लगाना सही तरीका है. इससे आपका निवेश समझदारी से फैलेगा और उसे संभालना आसान रहेगा. SIP में सफलता के लिए सबसे जरूरी है नियमित निवेश, धैर्य और लंबा नजरिया. बाजार चाहे ऊपर जाए या नीचे, जो निवेशक टिके रहते हैं, वही आगे चलकर बड़ा फायदा कमाते हैं.
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डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. द प्रोफिट नेस्ट किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है और ना ही लेखक शेयर मार्केट निवेश करने की सलाह देता है शेयर बाजार जोखिम के अधीन है निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श अवश्य लें इस ले





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