अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ट्वीट ने फिर से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और क्रिप्टो मार्केट में हलचल मचा दी. सिर्फ एक रात में बिटकॉइन की कीमत 11% तक गिर गई. वहीं, ऑल्टकॉइन में 40% से 60% तक की भारी गिरावट देखने को मिली.
इतना ही नहीं, स्टेबल कॉइन USDC भी करीब 3.5% नीचे आ गया. ट्रंप के इस ट्वीट के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई और मार्केट में जबरदस्त उतार-चढ़ाव शुरू हो गया. क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लाखों डॉलर की डील्स पल भर में डूब गईं.
चीन पर 100% टैरिफ का असर
उन्होंने चीन पर 100% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि ये फैसला “दुनिया की भलाई” के लिए लिया गया है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई कुछ और लगती है. दरअसल, चीन दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ मेटल्स (Rare Earth Metals) बनाने वाला देश है. इन्हीं मेटल्स से क्रिप्टो माइनिंग के लिए जरूरी कंप्यूटर और चिप्स तैयार होते हैं. यानी अगर इन मेटल्स की कीमत बढ़ेगी, तो क्रिप्टो माइनिंग की लागत भी बढ़ जाएगी.
अब जब ट्रंप ने चीन से आने वाले इन मेटल्स पर 100% टैरिफ लगा दिया है, तो उनकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई है. इसका सीधा असर माइनिंग उपकरणों पर पड़ा है. उनके दाम तेजी से बढ़ गए हैं, जिससे क्रिप्टो माइनिंग अब पहले से काफी महंगी और मुश्किल हो गई है. ट्रंप का ये कदम सिर्फ चीन को नहीं, बल्कि पूरी टेक और क्रिप्टो इंडस्ट्री को झटका दे रहा है. दुनिया भर में निवेशक और कारोबारी अब सोच में पड़ गए हैं क्या ये फैसला “दुनिया की भलाई” के लिए था या किसी और बड़ी रणनीति का हिस्सा?
रेयर अर्थ मेटल्स क्यों हैं जरूरी?
रेयर अर्थ मेटल्स वो खास तत्व हैं जो धरती में बहुत कम मात्रा में मिलते हैं. इन्हीं से मोबाइल फोन, सैटेलाइट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हाइब्रिड गाड़ियों के जरूरी पार्ट्स बनाए जाते हैं. यानी आज की पूरी टेक्नोलॉजी इन्हीं मेटल्स पर टिकी है. इनका इस्तेमाल क्रिप्टो माइनिंग में भी किया जाता है.
पहले अगर किसी माइनर को 1 लाख रुपये का बिटकॉइन निकालने में 80 डॉलर खर्च होता था, तो अब वही काम करने में करीब 160 डॉलर तक का खर्च आ रहा है. इतनी ज्यादा लागत बढ़ने के बाद कई माइनर्स ने काम रोक दिया है. नतीजा ये हुआ कि मार्केट में डर और बेचैनी बढ़ गई है. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि आगे क्या होगा क्या माइनिंग फिर से सस्ती होगी या ये नया झटका क्रिप्टो की रफ्तार थाम देगा?
कौन सी कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित?
चीन की तीन बड़ी कंपनियां. Bitmain, Canaan और Micro BIT. रेयर अर्थ मेटल्स से माइनिंग मशीनें बनाती हैं. दुनिया की करीब 90% माइनिंग मशीनें इन्हीं कंपनियों के जरिए तैयार होती हैं. लेकिन अब जब टैरिफ बढ़ने से इनकी लागत दोगुनी हो गई, तो माइनिंग का काम धीरे-धीरे ठप पड़ने लगा है.
क्रिप्टो मार्केट में यह गिरावट इसलिए और डराने वाली है क्योंकि इससे पहले कभी इतनी बड़ी लिक्विडेशन (एक साथ निवेश निकलना) नहीं हुई थी. इसने बाजार में हड़कंप मचा दिया है. फिलहाल अमेरिका की तरफ से बयान आ चुका है, लेकिन अब सबकी नजर चीन के जवाब पर है. चीन पहले ही कुछ रेयर अर्थ मेटल्स का निर्यात घटा चुका है. अब ट्रंप के इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर (व्यापारिक तनाव) और बढ़ने के आसार हैं.
क्या ट्रंप की फैमिली को है फायदा?
ट्रंप का ये फैसला सिर्फ राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि उनका पर्सनल गेम प्लान भी हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप की फैमिली का खुद का क्रिप्टो बिजनेस है. ऐसे में अगर मार्केट नीचे गिरता है, तो वो कम दाम में क्रिप्टो खरीद सकते हैं. और जब ट्रंप बाद में टैरिफ हटा देंगे, तो मार्केट फिर से ऊपर जाएगा और उन्हें भारी मुनाफा मिलेगा. इसलिए कई लोग इसे ट्रंप की “फैमिली स्ट्रेटेजी” भी कह रहे हैं. हालांकि ये सब अभी सिर्फ अनुमान हैं, कोई पक्के सबूत नहीं हैं. लेकिन सवाल जरूर उठता है. क्या ट्रंप ने जानबूझकर मार्केट गिराया ताकि खुद फायदा उठा सकें?
डिस्क्लेमर – इस न्यूज में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है. क्रिप्टो मार्केट जोख़िम भरा है निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लें इस लेख में उपयोग की गई तस्वीरें AI द्वारा तैयार की गई हैं.
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